वर्दी का बनाया मजाक,इंस्पेक्टर की महिला मित्र ने पहन कर ली सेल्फी


फोटो हुआ वायरल, मचा हड़कंप

रिपोर्ट:- मनोज मौर्य 

गोंडा। जिले की पुलिस का विवाद पीछा नहीं छोड़ रहा।ताजा मामले में करनैलगंज कोतवाल की महिला मित्र द्वारा  कोतवाल की वर्दी पहनकर ली गयी सेल्फी वायरल होते ही जिले समेत पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया।मामला ऊपर तक पहुँचते ही महकमा सकते में आ गया।वहीं जनपद में इस खबर पर लोग चटखारे लेकर चर्चा कर रहे हैं। 
बताते चलें कि,वायरल फोटो में एक मेडिकल छात्रा करनैलगंज कोतवाल मनीष जाट की वर्दी पहन कर सेल्फी ले रही है,तो वहीं एक तस्वीर में छात्रा अपनी यूनिफार्म के साथ इंस्पेक्टर के साथ सेल्फी लेते हुये दिख रही है।अब सवाल यह है कि,क्या कोई भी व्यक्ति इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी की वर्दी पहन उसकी सेल्फी ले सकता है?अगर नहीं तो क्या यह वर्दी के साथ खिलवाड़ नहीं है।बहरहाल लोगों की माने तो गोंडा पुलिस अपने अजब-गजब कारनामों के चलते अक्सर सुर्खियों में रहती है।जिसके चलते महकमें को फजीहत का शिकार बनना पड़ता है।हालांकि सूत्र बताते हैं कि,इस मामले को उच्चाधिकारियों ने संज्ञान में लेकर इसकी जांच एसपी को देने की तैयारी में है।अब जांच होगी या नहीं?यदि होगी तो कार्रवाई होगी भी या नहीं यह सब भविष्य के गर्भ में है।बहरहाल वर्दी के साथ इस तरह का खिलवाड़ गोंडा पुलिस की फजीहत जनपद में ही नहीं पूरे प्रदेश में करवा रही है।
क्या कहते हैं कोतवाल मनीष जाट
वायरल फोटो व कंटेंट की सत्यता के बारे में जब करनैलगंज कोतवाल मनीष जाट से बात की गई,तो उन्होंने बताया कि,यह वायरल फोटो 18 मई 2018 की है।उस समय वह पुलिस आफिस में मीडिया सेल के इंचार्ज के रूप में कार्यरत थे।वह गोंडा के पथवलिया में किराये का रूम लेकर रहते थे।वहीं पास में स्थित हास्टल में मेडिकल की छात्रायें व छात्र रहते थे।
उन्होंने बताया कि, आसपास रहने के चलते उन लोगों के साथ उनके अच्छे संबंध बन गये थे।मई में उनका सर्वे का कार्यक्रम चल रहा था ।इस दौरान वह मेरे पास आये और कहा कि,आपके कमरे में ऐसी लगा है गर्मी बहुत है अगर आप अपना रूम खोल दें तो हम सभी यहाँ ठंढे में  लंच कर लें। तो उन्होंने हामी भर दी ,इसी दौरान एक छात्रा ने उनकी वर्दी पहन उसकी सेल्फी ले ली।
अब सवाल यह है कि,खाने के लिये रूम खोल देना तो एक हद तक सही भी माना जा सकता है ,पर अपनी वर्दी पहनाकर उसकी सेल्फी लेना किसी भी हिसाब से जायज नहीं कहा जा सकता।ऐसे ही कोई जिम्मेदार पुलिस अधिकारी कैसे अपनी वर्दी किसी को सेल्फी जैसे खिलवाड़ के लिये दे सकता है,इसका जवाब उनके पास नहीं था।
नहीं उठे पुलिस अधिकारियों के फोन
इस बावत जब जिले के पुलिस अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई तो किसी का फोन नहीं उठा,जिससे उनसे बात नहीं हो पाई।

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