गोण्डा- न नोटिस न मुआवज़ा , मकान पर लटकेगी मौत की लाइन

अस्सी वर्षीय बुजुर्ग ने लगाये गंभीर आरोप
मनोज मौर्य 
गोण्डा। जिले के नवाबगंज क्षेत्र अंतर्गत शोभापुर गांव में गोण्डा-टाण्डा 400 केवी पारेषण लाइन परियोजना को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। गाँव के रहने वाले 80 वर्षीय किसान राम केवल तिवारी का आरोप है कि विभाग पुलिस की मदद से उनकी जमीन पर जबरन टावर खड़ा करवा रहा है। किसान का कहना है कि उन्हें न तो नोटिस मिला और न ही मुआवज़ा।
राम केवल का कहना है कि उनके नवनिर्मित मकान के ऊपर से हाईटेंशन तार गुज़रेंगे, जिससे परिवार की जान को खतरा रहेगा। उनके परिजनों का दावा है कि टावर लगने से करीब 40 लाख रुपये की क्षति होगी। साथ ही आरोप है कि बगल के गांव में राजनीतिक दबाव के चलते विभाग ने टावर कैंसिल कर दिया, लेकिन ग़रीब किसान पर ज़बरदस्ती की जा रही है।
इस पूरे मामले पर साउथ ईस्ट यूपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (SEUPPTCL) का कहना है कि परियोजना की अधिसूचना 2013 में ही राजपत्र में प्रकाशित हो चुकी है और करीब 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। टावर संख्या 535/1 वर्ष 2015 में और दूसरा टावर जनवरी 2024 में बनाया जा चुका है, ऐसे में रूट या टावर को बदलना तकनीकी रूप से संभव नहीं है।
कंपनी का दावा है कि राम केवल जानबूझकर पक्का निर्माण कर परियोजना में बाधा डाल रहे हैं। यह परियोजना जनहित से जुड़ी है और अदालत भी इसे मान्यता दे चुकी है, इसलिए किसी भी कीमत पर काम रोका नहीं जा सकता कंपनी की ओर से कहा गया।
इस बीच, जेई शिवम प्रताप सिंह ने किसानों के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि भूमि का मुआवज़ा दो से तीन लाख रुपये के बीच बनेगा, जो दिला दिया जाएगा। किसान को घबराने की ज़रूरत नहीं है।

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