रिपोर्ट - मनोज मौर्य।
गोण्डा! जिले के परसपुर थाना क्षेत्र के पसका गाँव में बीते मंगलवार के तड़के तीन सगी दलित बहनों पर एसिड अटैक के आरोप में आशीष नाम के युवक को मुठभेड़ में गोली से घायल कर गिरफ्तार करने के मामले में नाटकीय मोड़ आ गया है।पुलिस द्वारा आरोपी युवक के परिजनों ने निर्दोष होने का दावा करते हुए पुलिस पर फर्जी तरीके से फंसाने का आरोप लगाते हुये पुलिस के खुलासे पर ही सवाल खड़े कर दिये हैं। उनके मुताबिक गोंडा पुलिस ने दूसरा हैदराबाद क्रियेट किया है।
वहीं दूसरी तरफ गिरफ्तार युवक के समर्थन में बुधवार को परसपुर कस्बे में व्यापारियों ने दुकानें बंद कर अपना विरोध प्रकट करते हुये पुलिस की मुठभेड़ वाली थ्योरी पर कई सवाल खड़े कर दिये हैं।
घटना में आरोपित युवक आशीष जायसवाल की मां लक्ष्मी का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें वह कह रही हैं कि अगर उसके बेटे ने गलती की है तो उसे चौराहे पर गोली मार दी जाय। वरना वह फांसी लगाकर जान दे देगी। उसने मुख्यमंत्री से मिलकर उनसे न्याय की मांग करते हुए कहा है कि उसके बेटे को पुलिस ने अपना सिर बचाने के लिये पकड़कर आनन-फानन में खुलाशा कर दिया है।
आरोपित की मां ने इसकी सीबीआई से जांच कराने की मांग की।
एसिड अटैक के आरोपित आशीष के समर्थन में बुधवार की सुबह से ही पूरा परसपुर बाजार बंद रहे। स्थानीय लोगों को पुलिस की कहानी से इत्तिफाक नहीं रख रहे हैं। लोगों का कहना है कि आशीष निर्दोष ।बहरहाल किसी अप्रत्याशित घटना से निपटने के लिये प्रशासन द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से बाजार में पुलिस बलों को तैनात कर दिया है।
वहीं इस संबंध में पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पाण्डेय ने कहा है कि, एसिड अटैक मामले में आशीष का नाम मजबूत साक्ष्यों के आधार पर आया है। पुलिस के पास आरोपी युवक के विरुद्ध बहुत ही ठोस सबूत है तथा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुये मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया है।
किसी ने बोला अच्छा तो किसी ने बताया गलत।
पुलिस के द्वारा मुठभेड़ में एसिड कांड के आरोपी युवक को गोली मारकर घायल कर गिरफ्तारी दिखाने की कार्रवाई पर जनपद के बहुत सारे लोगों ने समर्थन करते हुये कहा कि,पुलिस द्वारा इस कार्रवाई से ऐसे मनबढ़ अपराधियों के ऊपर मनोवैज्ञानिक दबाव पड़ेगा, जिससे जनपद में बढ़े अपराधों में कमी लाने में मदद मिलेगी।वहीं कुछ लोगों ने इसे पुलिस के द्वारा नियम कानून ताक पर रखकर दूसरा हैदराबाद गढ़ने का आरोप लगाया। लोगों ने कहा कि,पुलिस ने निर्दोष को आरोपी बना मामले को ठंढा करने की कोशिश की है।बहरहाल जो भी है इतना तो तय है कि,पुलिस को जनपद में अपराध रोकने के साथ लोगों के अंदर अपने प्रति भरोसा भी पैदा करना होगा।
नवागत पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पाण्डेय का अनुभव इसमें काफी मदद कर सकता है]


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