तालाब की भूमि पर कब्जे की सीएम से की थी शिकायत,बदले में हुई कार्रवाई
पीड़ित ने मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार
रिपोर्ट:- अमरजीत सिंह
अयोध्या।तालाब की भूमि पर हो रहे अवैध कब्जे की मुख्यमंत्री से शिकायत एक शिकायत कर्ता को भारी पड़ गया,इससे बौखलाए मिल्कीपुर चे एसडीएम ने उल्टा शिकायत कर्ता के ऊपर ही मुकदमा दर्ज करा दिया।जिससे आहत पीड़ित ने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है।
बताते चलें कि, सराय मजरा निवासी सुनील उपाध्याय ने मुख्यमंत्री से मिल्कीपुर तहसील में भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा तालाब खाते की जमीन पर करवाये जा रहे अवैध कब्जे की शिकायत मुख्यमंत्री से की थी। जिससे बौखलाए एसडीएम ने इस कृत्य को अंजाम देकर पद की गरिमा के साथ दगा किया है।बहरहाल पीड़ित ने मुख्यमंत्री से इसकी शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित युवक के मुताबिक दिनांक 28 अगस्त 2020 को उसने पहली बार पंचायती राज विभाग तथा राजस्व विभाग को ग्राम प्रधान प्रेमलता तथा उनके पति राकेश यादव द्वारा सराय मजरा के तालाब गाटा संख्या 72 पर अवैध रूप से बनाये जा रहे सामुदायिक शौचालय की शिकायत की थी।जिसकी जनसुनवाई शिकायत संख्या 40017720035191 40017720035192 व मोबाइल नंबर 9453818785 थी,जिस तालाब पर ग्राम प्रधान सहित 11लोगों के खिलाफ राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत बेदखली का वाद 25 जुलाई 2017 को उसकी 20 शिकायतों के बाद ही करवाया गया था।पर बताते हैं कि 28अगस्त 2020 से लगातार फोन व व्हाट्सएप से जनसुनवाई के माध्यम से इस तालाब पर बन रहे सामुदायिक शौचालय की निरंतर शिकायत करने के बावजूद हलका लेखपाल बीपतराम तथा ग्राम पंचायत सचिव द्वारा गलत,भ्रामक,कूटरचनायुक्त तथा भ्रष्टाचार युक्त आख्या शासन तथा प्रशासन को प्रेषित करके शासन प्रशासन को गुमराह किया जाता रहा।इस संबंध में उसने मिल्कीपुर के उपजिलाधिकारी अशोक कुमार शर्मा,तहसीलदार अरविद तिवारी,हलका लेखपाल बीपतराम, राजस्व निरीक्षक दिनेश पांडेय,मुख्य विकास अधिकारी, जिला पंचायती राज अधिकारी तथा सहायक विकास अधिकारी से फोन पर शिकायत की,जिसकी रिकार्डिंग भी पीड़ित के पास उपलब्ध है।28अगस्त को तालाब पर सामुदायिक शौचालय की शिकायत किये जाने के बावजूद,राजस्व विभाग द्वारा ग्राम प्रधान को संरक्षण दिया जाता रहा,तथा दिनांक 12 सितंबर 2020 को विवश होकर उपजिलाधिकारी मिल्कीपुर को ग्राम प्रधान तथा उनके पति के विरूद्ध लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत थाना इनायतनगर में अभियोग पंजीकृत करवाया।जिससे चिढ़े उपजिलाधिकारी अशोक शर्मा ने ग्राम प्रधान पति की एक फर्जी तहरीर पर शिकायत कर्ता के विरुद्ध 504 ,506 तथा 384 के तहत अभियोग पंजीकृत करने का आदेश दे दिया। अपने विरूद्ध हुई इस बदले की कार्रवाई से आहत पीड़ित ने बताया कि,प्रधान तथा प्रधानपति के खिलाफ उसने तालाब पर सामुदायिक शौचालय बनवाये जाने की शिकायत की थी तथा तहसील प्रशासन द्वारा एफ आई आर दर्ज करवाया था।जिसमें उप जिलाधिकारी मिल्कीपुर की भूमिका शतप्रतिशत संदिग्ध रही है,।जिन्होने बिना जांच करवाये हमारे विरूद्ध लगाये गये आरोप को आधार मानते हुये एफ आई आर दर्ज कराने का आदेश दे दिया।


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