जानकारी मांगने पर सिक्रेटरी पर मारपीट का आरोप
रिपोर्ट:- मनोज मौर्य
गोण्डा। एक ओर सरकार जहाँ गरीबों के उत्थान हेतू अपने भागीरथी प्रयास में लगी हुई है,वहीं दूसरी ओर धरातल पर स्थानीय अधिकारियों व कर्मचारियों का भ्रष्ट रवैया उन तमाम सरकारी प्रयासों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। ताजा मामले में जिले के बेलसर क्षेत्र के एक गाँव में कई अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास दे दिये गये हैं वहीं अपात्र झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं। इस बावत जब वह सेक्रेटरी के पास जाते हैं तो उनका आरोप है कि,वह उनके साथ मारपीट करने लगता है।जिसकी वजह से वह अब ब्लाक मुख्यालय जाने से भी कतरा रहे हैं।
बताते चलें कि,विकासखंड बेलसर के ग्राम पंचायत डिक्सिर के डोहरीजीत प्रधानमंत्री आवास में पात्रों को आवास ना देकर अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास दे दिया गया है। वहां के ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत अधिकारी पर रोजगार सेवक से मिलीभगत करके सूची में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है।गांव के निवासी दीपक शर्मा व पूनम सिंह ने बताया कि जब भी कोई जांच टीम आती है तो उसको रोजगार सेवक गुमराह कर वापस कर देते हैं।उन्होंने बताया कि, वह गरीब हैं फिर भी उन्हें अब तक आवास नहीं मिला है,जिसके चले गर्मी हो या बारिश चाहे ठंढ का मौसम ,वह अपनी टूटी-फूटी झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं। वहीं गाँव मे जो लोग अपात्र हैं जिनके घर में सरकारी नौकरी करने वाले हैं व उनके पक्के मकान बने हुए हैं। ऐसे अपात्रों को आवास योजना का लाभ दे दिया गया है। गांव के लोगों ने रोजगार सेवक सुरेश कुमार सिंह पर कई तरह के आरोप लगाए हैं। पीड़ित दीपक शर्मा का आरोप है जब वह अपने आवास के बारे में जानकारी करने के लिए ब्लॉक पहुंचे तो वहां पर मौजूद सेक्रेटरी अजीत तिवारी ने उनके साथ मारपीट की। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस में की लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई।
वहीं जब इस बारे में जिले के मुख्य विकास अधिकारी से जानकारी चाही गई तो उन्होंने बताया कि,मामले की जांच वीडियो बेलसर को सौंपी गई है।
"बहरहाल जांच के खेल में ये पात्र कब तक गरीबी की ताप में सिकेंगे,इसका जवाब न प्रशासन के पास है और न जनप्रतिनिधियों के पास है"


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