एएसपी के आदेश के बावजूद, पुलिस पर मुकदमा नहीं दर्ज करने का आरोप लगाया

दलित व एक आंख की दिव्यांग से हुये दुष्कर्म का मामला

रिपोर्ट:- मनोज मौर्य 

गोण्डा। बीते दिनो करनैलगंज क्षेत्र के एक गाँव में कथित रूप से हुये गैंगरेप के मामले में पुलिस पर अपर पुलिस अधीक्षक के आदेश के बावजूद भी मुकदमा दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया है।पीड़िता द्वारा स्थानीय पुलिस पर पैसे व रसूख के प्रभाव में आकर न्याय न करने का गंभीर आरोप है।
शुक्रवार को एक आँख से अंधी दलित पीड़िता द्वारा  पुलिस अधीक्षक को दिये अपनी तहरीर में बताया कि,बीते 26 सितंबर को सुबह 6 बजे वह शौच के लिये गन्ने के खेत में गई थी।जहाँ पहले से ही घात लगाये बैठे हरिओम,सुरेश,जयप्रकाश, ने उसका मुंह दबा कर बारी-बारी से दुष्कर्म किया।पीड़िता के मुताबिक वह चिल्लाती रही बावजूद पर उन्हें रहम नहीं आया।किसी तरह उनके चंगुल से छूट कर जब वह शोर मचाते हुये अपने घर की ओर भागी,तो उसकी चीख पुकार सुन उसके पास आये हनुमंत ,शुशील, उसके पास पहुंचे व उसे बचाने के बजाय उल्टा उसे जातिसूचक गाली देकर धमकाया कि,इसे जान से मार दो नहीं तो पुलिस में शिकायत कर देगी, इस बात पर आरोपी उसके घर में  घुस कर मारने लगे ,पति व अन्य लोगों के बीच बचाव पर उसे छोड़ने के साथ धमकी दी कि,यदि इसकी शिकायत किसी से की तो जान से मार देंगे।
पीड़िता का आरोप है कि इसकी लिखित शिकायत स्थानीय पुलिस से की ,पर पुलिस ने मामला दर्ज करना तो दूर उल्टा पीड़िता को थाने से चल्ता कर दिया।
स्थानीय पुलिस से आहत पीड़िता ने अपर पुलिस अधीक्षक महेन्द्र कुमार से गुहार लगाई। पीड़िता के मुताबिक उनके द्वारा मुकदमें के आदेश के बावजूद पुलिस मुकदमा लिखने में आनाकानी कर रही है।पीड़िता के मुताबिक उधर आरोपी पुलिस को रसूख व पैसे के प्रभाव में मामला दर्ज नहीं करने दे रहे तथा उसे शिकायत करने पर जान से मारने के लिये धमका रहे हैं। 
बहरहाल पुलिस अधीक्षक तो मिले नहीं पर जन सुनवाई से पीड़िता को न्याय का आश्वासन मिला है।

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