रिपोर्ट:-मनोज मौर्य
गोण्डा।एक ओर जहां जिला प्रशासन जनपद व शहर के वातावरण को प्रदूषण मुक्त रखने हेतु पराली जलाने वालों पर आये दिन कार्रवाईयां कर रही है ,वहीं दूसरी ओर नगरपालिका के द्वारा लगाये गये कूड़े के ढेर जलने के चलते उसमें से निकल रहा धुंआ शहर समेत आसपास के इलाकों की हवा को लगातार जहरीला बना रहा है।बावजूद इसके नगरपालिका के अधिकारियों तथा जिले के अन्य जिम्मेदार इस ओर से लापरवाही बरतते हुये जहाँ स्वच्छ भारत मिशन अभियान की धज्जियां उड़ा रहे हैं वहीं लोगों के जानमाल से खिलवाड़ भी करते नजर आ रहे हैं।
बताते चलें कि,शहर के अयोध्या- गोण्डा बाईपास मार्ग पर झंझरी व सद्भावना चौकी के बीच पूरे शिवाबख्तावर इलाके की पड़ी हुई खाली जमीन पर वर्षों से नगरपालिका द्वारा कूड़ा फेंका जा रहा है जो अब एक बड़े कूड़े-कचरे के ढेर में तब्दील हो चुका है।बताते हैं कि,इस कूड़े - कचरे के ढेर की उठती भीषण दुर्गंध से जहां आसपास की बस्तियों में रहनेवाले लोग पहले से परेशान थे,वहीं लगातार इसके जलने के चलते इसमें से उठ रहे धुयें के कारण अब यह शहर की हवा को तेजी के साथ जहरीला बना रहा है।जिसके कारण आसपास क बस्तियों समेत शहर के बच्चों व बुजुर्गों के साथ-साथ अन्य लोगों का स्वास्थ्य खराब कर रहा है।
दिलचस्प तो यह है कि,जहाँ प्रदूषण को रोकने के लिये जिला प्रशासन लगातार किसानो के ऊपर मुकदमें लिखवा कर कार्रवाईयां करवा रहा है वहीं इस तरफ से आंखे फेरे रहना कुछ और ही कहानी कह रही है।
बहरहाल जब इस बावत नगरपालिका के ई ओ से बात करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन बंद मिला।
नगर मजिस्ट्रेट के बोल
इस बावत जब नगर मजिस्ट्रेट वंदना त्रिवेदी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि, जब तक डीएम नहीं कहेंगे तब तक मै कुछ नहीं बोल सकती।
इसपर जब जिलाधिकारी डाक्टर नितिन बंसल से संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया गया तो वह उपलब्ध नहीं हो सके।
बहरहाल प्रशासन की इस लापरवाही का खामियाजा कहीं न कहीं शहर की जनता भुगतने पर मजबूर है।


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