सबूत के बावजूद नहीं हुई रोजगार सेवक पर कार्रवाई
रिपोर्ट:- मनोज मौर्य /जयदीप शुक्ला
गोण्डा।*जनपद में मनरेगा में हो रहा भ्रष्टाचार किसी से छिपा नहीं है।आये दिन कोई न कोई नया मामला सामने आता रहता है।हालांकि कुछ पर दिखावे की कार्रवाई भी की गई है,परन्तु दो दिन मीडिया की सुर्खियाँ बन कर कहीं खो गईं हैं।अब न उन कार्रवाईयों का कहीं अता-पता है और न ही दोषियों का,लेकिन भ्रष्टाचार ज्यों का त्यों बदस्तूर जारी है।
एक ऐसा ही मामला जनपद के तरबगंज विकास खण्ड का सामने आया है जहाँ मनरेगा कार्यों मे जेसीबी के इस्तेमाल का सबूत व इसकी शिकायत होने बावजूद भी कार्यवाही न होना प्रशासन पर सवाल खड़े कर रहा है।दिलचस्प तो यह है आरोपी रोजगार सेवक अधिकारियों की निष्क्रियता का फायदा उठाते हुये सबूत मिटाने का प्रयास कर रहा है।
संबंधित रोजगार सेवक ऋषि कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ आरटीआई कार्यकर्ता हंसराज पाण्डेय व ग्रामसभा के कुछ मनरेगा श्रमिको ने जनसुनवाई पर शिकायत की थी।
जिसमे मशीनों के प्रयोग के साथ श्रमिकों के हक को छीनने का आरोप लगाते हुए कार्यवाही की मांग की गई थी।
लेकिन शिकायत के तीन दिन बीत जाने के बाद भी कोई जांच अधिकारी मौकेपर नही पहुंचा और न ही उक्त रोजगार सेवक के विरुद्ध कोई कार्यवाही की गई।
आरटीआई कार्यकर्ता का आरोप है कि इसके विपरीत आरोपी को साक्ष्य मिटाने का मौका दिया गया।जिसका लाभ उठाते हुए रोजगार सेवक ऋषि कुमार श्रीवास्तव ने मजदूरों को सड़क समतल करने के बहाने बुलाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया।जेसीबी द्वारा खुदाई के बाद लगी खाई को फावड़ा चलाकर पंजे के निशान को खत्म कर दिया गया।
वहीं शिकायकर्ता को रोजगार सेवक द्वारा धमकियां भी दी जा रही है।
दोषी होने पर होगी कार्यवाही
इस बावत खण्ड विकास विवेक प्रिय ने बताया कि रोजगार सेवक के विरुद्ध इसके पहले भी एक दो शिकायते मिली हैं।
मनरेगा में मशीन प्रयोग के प्रतिबंध के बावजूद अगर इस्तेमाल किया गया है तो रोजगार सेवक पर कड़ी कार्ही की जाएगी।


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