रिपोर्ट:- मनोज मौर्य
गोण्डा।कृषि कानूनों और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल की वापसी की मांगों को लेकर पिछले 13 दिनों से संघर्षरत किसानों के समर्थन में मंगलवार को देश भर के लगभग 15 लाख बिजली कर्मचारियों , जूनियर इंजीनियरों और इंजीनियरों द्वारा विरोध प्रदर्शन के क्रम में जनपद मुख्यालय स्थित कार्यालय के बाहर विभागीय कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन कर बिल को वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान एक्स ए एन रणवीर सिंह ने कहा कि, इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल में इस बात का प्रावधान है कि किसानों को बिजली टैरिफ में मिल रही सब्सिडी समाप्त कर दी जाए और बिजली की लागत से कम मूल्य पर किसानों सहित किसी भी उपभोक्ता को बिजली न दी जाए।
उन्होंने कहा कि इससे किसानो के साथ आम लोगों को भारी भरकम बिल चुकाना पड़ेगा,जो किसी भी दशा में उनके लिये हितकारी नहीं होगा।
उन्होंने बताया कि किसान संयुक्त मोर्चा के आवाहन पर चल रहे आंदोलन में कृषि कानूनों की वापसी के साथ किसानों की यह एक प्रमुख मांग है कि,इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2020 वापस लिया जाए। किसानों का मानना है की इस बिल के जरिए बिजली का निजीकरण करने की योजना है जिससे बिजली निजी घरानों के पास चली जाएगी और निजी क्षेत्र मुनाफे के लिए काम करते हैं जिससे बिजली की दरें किसानों की पहुंच से दूर हो जाएंगी।
उन्होंने इस सवाल पर किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा है कि किसानों की आशंका निराधार नहीं है इस बिल के मुताबिक बिजली वितरण के निजीकरण के लिए जारी स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्युमेंट बिजली के निजीकरण के उद्देश्य से लाए गए हैं ऐसे में सब्सिडी समाप्त हो जाने पर बिजली की दरें 10 से 12 रु प्रति यूनिट हो जाएगी और किसानों को 8 से 10 हजार रु प्रति माह का न्यूनतम भुगतान करना पड़ेगा।
एक्स ए एन ने बताया कि,
यद्यपि कि इस बिल में इस बात का प्रावधान किया गया है कि ,सरकार चाहे तो डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए किसानों को सब्सिडी दे सकती है, किंतु इसके पहले किसानों के बिजली बिल का पूरा भुगतान करना पड़ेगा जो सभी किसानों के लिए संभव नहीं हो पायेगा।उन्होंने ने बताया कि,राजधानी मुख्यालय स्थित शक्ति भवन पर विद्युत कर्मचारी सँयुक्त संघर्ष समिति के प्रमुख पदाधिकारियों शैलेंद्र दुबे,प्रभात सिंह,जी वी पटेल,जय प्रकाश,गिरीश पाण्डेय, सदरुद्दीन राना, सुहेल आबिद,राजेन्द्र घिल्डियाल, विनय शुक्ला,डी के मिश्र,महेंद्र राय, शशिकांत श्रीवास्तव, परशुराम, सी के पाल,वी के सिंह कलहंस, ए के श्रीवास्तव, पूसे लाल,प्रेम नाथ राय, आर के सिंह,भगवान मिश्र ने बताया कि प्रदेश भर में सभी बिजली कर्मचारियों ने भोजनावकाश के दौरान अन्य कर्मचारियों के साथ प्रदर्शन कर किसानों के साथ अपनी एकजुटता दिखाई।


0 टिप्पणियाँ