गौ आश्रय केन्द्र में भ्रष्टाचार के चलते, भूख-प्यास और बीमारी से मर रहे गोवंश

योगी के सपनो को चूर करने में लगे जिम्मेदार

रिपोर्ट:- मनोज मौर्य 

गोण्डा। जिले के बेलसर में दोहरीजीत स्थित निराश्रित अस्थाई गौ आश्रय केंद्र में मुख्यमंत्री योगी के सपनो को चूर करती एक भयावह तस्वीर सामने आई है।जहाँ भूख व बीमारी से तड़प-तड़प कर गोवंश काल के गाल में समाते जा रहे हैं।वहीं स्थानीय जिम्मेदारों से लेकर जिले के आला हुक्मरान इस ओर से आँखें बंद करके कुंभकर्णी निद्रा में लीन हैं। इस गौ आश्रय केन्द्र में बड़ी संख्या में मृत गौवंश मिले हैं जिनके शव इधर-उधर परिसर में ही पड़े मिले।मौके पर केन्द्र में तीन गौवंश मरे पड़े हुये मिले  व लगभग एक दर्जन के करीब  बीमार गौवंश सूनी आंखों से अपनी मौत का इंतजार करते हुये मिले।गौ आश्रय केन्द्र की बदहाली का आलम यह है कि,वहां गौवंशों का शरीर उन्हें भोजन व देखख-रेख के अभाव में सिर्फ ढांचे में तब्दील होकर रह गये हैं, जो यहाँ फैले भ्रष्टाचार की कहानी खुद- बखुद बयाँ कर रहे हैं। वहां पर कार्य कर रहे एक मजदूर से पूछने पर  उसने बताया कि, शासन और प्रधान तथा सेक्रेटरी के बीच सामंजस्य न बनने की वजह से मृत गाय चार - चार दिन पड़ी रहते हैं उन्हें कुत्ते नोचते हैं। गौवंशों को दफनाने वालों का लगभग 35000 रूपये बकाया है जिसकी वजह से वह अब दफनाने नहीं आते हैं हम लोगों का 4 महीने का वेतन बाकी है। खेत की बुवाई शुरू है लेकिन हम लोगों को अभी वेतन नहीं मिल रहा है जिस कारण से हम लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। बीमारू जानवर को कोई डॉक्टर या कोई अधिकारी देखने तक नहीं आता है जिससे हम लोगों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है।उसने बताया कि,  प्रधान, सेक्रेटरी, रोजगार सेवक कोई इधर ध्यान नहीं दे रहा है ,जिससे गो आश्रय केंद्र दुर्दशा का शिकार हो रहा है। यहां रोज गोवंश के मरने की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है हम लोग मजदूर हैं क्या कर सकते हैं।

बी .डी .ओ. के बोल
वहीं जब इस पूरे मामले के संबंध में बेलसर के बी डी ओ  सदानंद चौधरी से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि वह स्वयं जाकर मौके पर निरीक्षण करेंगे और अगर इस तरह की बात सामने आती है या किसी भी तरह की कोई लापरवाही दिखाई पड़ती है तो संबंधित कर्मचारी व रोजगार सेवक पर कार्रवाई की जाएगी।

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