अस्पताल द्वारा तीन दिन पूर्व मेमो भेजने के बावजूद पोस्टमार्टम के लिये नहीं भेजा शव,72घंटे किया इंतजार
रिपोर्ट-मनोज मौर्य
गोंडा।वैसे तो नगर कोतवाली पुलिस की मनमानी तो जग जाहिर है,पर यह मामला कोतवाल समेत अन्य पुलिस कर्मियों को पूरी तरह से कटघरे में खड़ा करती हुई नजर आ रही है।
जहाँ एक व्यक्ति के जिला चिकित्सालय के रजिस्टर में ज्ञात शव को कोतवाली पुलिस द्वारा तीन दिनो तक मच्र्युरी पड़े रहने दिया फिर अज्ञात शव के रूप में पोस्टमार्टम करा उसकी अंत्येष्टि कर दी।जबकि,जिला अस्पताल प्रशासन द्वारा तीन दिनो पूर्व ही इस बावत नगर कोतवाल को मेमो भेज दी थी।जिसको लेकर सवाल खड़े किये जा रहे हैं। बाबू ईश्वरशरण जिला चिकित्सालय के मुताबिक बीते 29 नवंबर को सुबह दस बजे देवरिया निवासी संतोष पुत्र सम्मयदीन को गंभीर अवस्था में भर्ती कराया गया था।जिसकी इलाज के दौरान 30 नवंबर की सुबह सवा दस बजे उसकी मौत हो गई।जिसके बाद मृतक के शव को अस्पताल के शवगृह में रख कर कोतवाली पुलिस को मेमो भेजकर इसकी जानकारी दे दी गई।
अब यहाँ से कोतवाली पुलिस का खेल चला।तीन दिन पूर्व इसकी सूचना मिलने के बावजूद तीन दिसंबर को कोतवाली पुलिस ने इस शव को अज्ञात के तौर पर पोस्टमॉर्टम करा कर उसकी अंत्येष्टि करवा दी।अब सवाल यह खड़ा हो रहा है कि,जब पुलिस को इस व्यक्ति का नाम व पिता के नाम के साथ इसके स्थान देवरिया के रूप में ज्ञात मिलने के बावजूद मृतक के शव को तीन दिनो तक अस्पताल में क्यों पड़े रहने दिया?और तीन दिन बाद भी अगर पोस्टमार्टम के लिये भेजा तो अज्ञात में क्यों भेजा ?इसकी जांच क्यों नहीं कराई?ऐसे बहुत सारे सवाल खड़े हो रहे हैं जिसका जवाब नगर कोतवाली पुलिस व कोतवाल के पास नहीं है।
वहीं इस बारे में नगर कोतवाल आलोक राव का कहना है कि, मेमो पर मिली सूचना के आधार पर 72 घंटे तक इंतजार किया। इसके बाद उसके शव का नियमत: पोस्टमॉर्टम कराया गया। उसकी पहचान के लिए पुलिस ने प्रयास किया लेकिन, उसके बारे में जानकारी नहीं हो सकी।बहरहाल पुलिस चाहे कुछ भी कहे पर कोतवाली पुलिस व कोतवाल पर इस मामले को लेकर चर्चायें गर्म हैं।


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