गोण्डा। जिले के करनैलगंज अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय में पढ़ रही सात वर्षीय बालिका से छेड़खानी के आरोप में शिक्षक को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। वहीं बालिका के परिवार वालों की तहरीर पर पुलिस ने भी शिक्षक को हिरासत में लेकर कार्रवाई शुरू कर दिया है।
मामला शिक्षा क्षेत्र करनैलगंज के प्राथमिक विद्यालय धनावा तृतीय से जुड़ा है। जहां के इंचार्ज प्रधानाध्यापक खालिक अहमद पर कक्षा दो में अध्ययनरत सात वर्षीय बालिका के परिवार वालों ने शाहपुर चौकी पुलिस को दिये अपने तहरीर में शिक्षक के ऊपर बालिका से छेड़खानी करने का आरोप लगाया गया है। प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुये पुलिस ने आरोपी शिक्षक को हिरासत में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।वहीं घटना की सूचना पर धनावा विद्यालय पहुंची खंड शिक्षा अधिकारी सीमा पाण्डेय ने स्कूल के शिक्षक, रसोइया व बालिका के घर जाकर पूंछताछ करते हुये अपने स्तर से जांच शुरू कर दी है। प्रकरण की जांच करने विद्यालय पहुंचे बेसिक शिक्षा अधिकारी जय प्रताप सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया शिक्षक को दोषी मानते हुये तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि जांच में पाया गया कि सोमवार को दोपहर बाद बालिका प्रधानाध्यापक कक्ष में पुस्तक लेने गई थी। वहां से बाहर निकलने के बाद वह अपना बैग लेकर घर चली गई। ढाई बजे के बाद छात्रा अपने माता पिता के साथ विद्यालय पुनः आई। उसके माता पिता ने शिक्षक से बातचीत किया। जिस पर आरोपी शिक्षक ने अपना पक्ष रखते हुये कहा कि बालिका प्रधानाध्यापक कक्ष में पुस्तक लेने गई थी। पढ़ने में अच्छी होने की वजह से उन्होंने उसकी पीठ थपथपा दी थी। जब कि बालिका व उसके परिवार वाले शिक्षक के ऊपर छेड़खानी का आरोप लगा रहे है। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने स्कूल के शिक्षकों व रसोइयों से घटना की जानकारी प्राप्त की। स्कूल में तैनात शिक्षामित्र सरोज मौर्या ने बताया कि सोमवार को उनकी तबियत खराब थी। जिसकी वजह से वह प्रधानाध्यापक से अवकाश लेकर 2 बजे घर चली गई थी। जिससे प्रकरण के सम्बंध में उन्हें कोई जानकारी नही है। वहीं शिक्षामित्र पुष्पेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि वह दूसरे कक्ष में बच्चो को पढ़ा रहे थे। जिससे प्रकरण के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं हुई। उन्होंने बताया कि बालिका पुस्तक लेने प्रधानाध्यापक कक्ष में गई थी। वापस लौटाने पर वह अपना बैग लेकर घर चली गई।रसोइया फूलकुमारी, रामवती व नीलम ने बताया कि वह बच्चों को भोजन कराकर 1 बजे घर चली गई थी। इसी तरह सभी स्टाफ ने अपने बयान दिए। खण्ड शिक्षा अधिकारी सीमा पाण्डेय का कहना है कि मामले की जांच गहनता से की जा रही है।


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