गोण्डा - कहीं मुकदमें सुलह न लगाने की जिद में तो नहीं गई राजकरन की जान?

पुराने मुकदमें में सुलह लगाने का पड़ोसी राजपाल डाल रहा था दबाव,न मानने पर हो गई हत्या?
गोण्डा डेस्क 
गोण्डा। जिले वजीरगंज थानाक्षेत्र अंतर्गत परसिया गाँव में बीते शुक्रवार की रात हुई राजकरन यादव की हत्या के मामले में जहाँ पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुये अपनी जाँच आगे बढ़ा रही है,वहीं यह भी जानकारी मिली है कि,मृतक राजकरन के जिद्दी होने के साथ खरी बातें पंसद करने वाली आदत संभवत: उसकी जान की दुश्मन बन गईं,जिसके चलते एक बड़ी शातिराना प्लानिंग के तहत राजकरन की हत्या कर शव उसके गन्ने के खेत से सटी व स्कूल की बाउंड्रीवाल से लगी झाड़ियों में फेंक दी गई।
इस संबंध में मृतक के छोटे भाई राजबाबू यादव ने महत्वपूर्ण जानकारी देते हुये बताया कि,अच्छे चरित्र के उसके बड़े भाई राजकरन यादव बड़ा स्पष्टवादी होने के साथ जिद्दी भी था।जिसके चलते गाँव के कुछ  लोग उसे पसंद नहीं करते थे।क्योंकि, उसका भाई सीधी व सपाट बातें करने में विश्वास रखता था।इसी के साथ उसने यह भी जानकारी दी कि,लगभग दो वर्ष पूर्व उसके घर के पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति के साथ हुये विवाद में राजपाल यादव ने उसके साथ मिलकर घर में घुसकर परिवार पर हमला किया किया था।जिसके संबंध में वजीरगंज थाने में राजपाल व अन्य के विरुद्ध मुकदमा भी पंजीकृत हुआ था।जिसमें राजपाल यादव आये दिन मुकदमे  में सुलह करने का दबाव बनाता रहता था। राजबाबू ने यह भी जानकारी दी कि,तरबगंज के भैरमपुर गाँव का रहने वाला राजपाल अपराधिक प्रवृत्ति का है।  महज पाँच वर्ष पूर्व ही राजपाल अपने किसी रिश्तेदार की मदद से परसिया गाँव में आकर बसा है। दीवाली पर जब उसका भाई घर आया तो राजपाल ने उससे मुकदमें में सुलह लगाने की बात की थी,लेकिन राजकरन ने उसे मना कर खरी-खरी सुना दी थी। उसके बाद दीवाली के दूसरे दिन वह सुबह घर से निकला खेत जाने के लिये फिर उसकी जगह शनिवार को सुबह उसकी लाश मिली।राजबाबू ने यह भी बताया कि,जिस दिन उसका भाई घर से गायब हुआ उस दिन राजपाल पूरे दिन गाँव में नहीं दिखा था,लेकिन दूसरे दिन उसके शव के पास अन्य गाँव वालों की तरह वह भी मौजूद दिखा था।उसने यह भी बताया कि,
भाई की हत्या के बाद उसकी माँ ने राजपाल को यह भी कहते सुना था कि,एक तो गया अब दूसरे को भी सही कर देंगे।
हालांकि,यदि गाँव के लोगों की माने तो मृतक राजकरन का चरित्र तो बेदाग था लेकिन स्वभाव से वह थोड़ा अक्खड़ था। बहरहाल  राजकरन शुक्रवार को घर से निकला तो उसे कौन मिला? किसके साथ वह कहाँ गया? यदि मुकदमें में सुलह न लगाना ही उसकी हत्या का कारण है तो क्या पड़ोसी राजपाल ही हत्यारा है?यदि है  तो उसके साथ और कौन लोग शामिल थे?क्यों कि,जिस तरह से राजकरन की हत्या हुई है उसे देखते हुये यह तो तय है कि,यह एक या दो लोगों का काम नहीं है। हालांकि,इन सवालों का जवाब खोजना व हत्या में शामिल लोगों तक पहुँचना वजीरगंज पुलिस के लिये बड़ी चुनौती तो है, पर इसे असंभव नहीं कहा जा सकता। बहरहाल वजीरगंज पुलिस हर एंगल से इस हत्या की जाँच-पड़ताल कर रही है।

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