रिपोर्ट:- संजय गुप्ता
बहराइच।जिले में दशहरा पर्व पर प्रशासनिक अड़ंगेबाजी से रावण दहन का कार्यक्रम न हो पाने से आहत श्रीरामलीला कमेटी के आयोजकों ने प्रशासनिक कृत्यों की निन्दा कर भगवान श्री राम का राज्याभिषेक भी नहीं किया और इसी के साथ दीपावली पर्व न मनाने का निर्णय लिया है।
बताते चलें कि,पारम्परिक रूप से बिसातखाना चबूतरे पर राम दरबार में भगवान राम, लक्ष्मण, सीता व हनुमान जी के स्वरूपों को मंचासीन किया,पर रावण दहन जैसे कार्यक्रम में जिला प्रशासन के अड़ंगेबाजी के चलते आयोजन न हो पाने से आहत श्रीराम का राजतिलक कमेटी की ओर से नहीं किया गया। वैसे अभी तक परम्परागत रूप से भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक कमेटी के सदस्यों द्वारा किया जाता रहा है। इस अवसर पर श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष व भाजपा के जिला अध्यक्ष श्यामकरन टेकड़ीवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रशासनिक हठधर्मिता व अड़ंगेबाजी के चलते दशहरा पर्व पर रावण दहन का कार्यक्रम सम्पन्न नही हो पाया। ऐसे में भगवान राम के राज्याभिषेक का कोई औचित्य नही है।
अध्यक्ष ने कहा कि दशहरा पर्व के एक दिन पूर्व प्रशासनिक अमले ने रावण दहन कार्यक्रम पर रोक लगा दी, और सोशल मीडिया पर प्रशासनिक रवैये की बात सार्वजनिक होने पर करीब पौने एक बजे कार्यक्रम का अनुमति पत्र भेजा पर रामलीला मैदान के द्वारो को बंद कराकर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी। साथ ही दहन हेतु निर्मित कराये गये रावण के पुतले को रामलीला मैदान तक आने नही दिया।उन्होंने कहा कि, प्रशासन ने हिन्दू समाज की भावनाओं को आहत कर निन्दनीय कार्य किया है।
वजह से दीपावली पर्व न मनाने की घोषणा की और उनकी घोषणा का मौके पर मौजूद श्रीरामलीला कमेटी के पदाधिकारियों व सदस्यों ने अध्यक्ष के निर्णय का समर्थन कर दीपोत्सव पर्व न मनाने का संकल्प लिया।


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