रिपोर्ट:-मनोज मौर्य/संजय गुप्ता
बहराइच।जिले के कप्तान पर गाली देने का आरोप लगाने वाले कोतवाल खुद बड़े गालीबाज हैं।बताते चलें कि, नानपारा कोतवाली इलाके में फायरिंग की घटना को नजर अंदाज करने पर मामला कप्तान के संज्ञान में पहुंचा। इस पर कप्तान ने सीओ नानपारा से मामले की जानकारी ली।जिसको लेकर कप्तान ने कोतवाल से अपराधियों को गिरफ्तार करने की बात कही जब कोतवाल ने मामले को गंभीरता से नही लिया तो एसपी ने मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया। लाइन हाजिर होते ही बौखलाए कोतवाल ने कप्तान के ऊपर गाली देने का आरोप लगा दिया। और एक ऑडियो क्लिप मीडिया में वायरल कर दिया।विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक वायरल ऑडियो क्लिप में कहीं से भी कप्तान के गाली देने की पुष्टि नहीं हट सकी है।सूत्रों के मुताबिक लापरवाही की सजा मिलते ही कोतवाल द्वारा एक ईमानदार कप्तान को बदनाम करने की साज़िश रची जा रही है।जो जिले के काले कारोबारियों को रास नहीं आ रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक कोतवाल डी0के0श्रीवास्तव की बस्ती जनपद में तैनाती के दौरान कई अधिकारियों से बदजुबानी व गाली गलौज के किस्से आम थे।बताते हैं वहां के अधिकारी इस इंस्पेक्टर के इन्हीं हरकतों से आजिज हो वहां से इनका तबादला बहराइच जनपद में करवा दिया।
बताते हैं कि,डी0के0 श्रीवास्तव जब नगर कोतवाल थे तो नगर क्षेत्र के निवासी इनकी हरकतों से त्राहि-त्राहि करने लगे थे। लोगों द्वारा अधिकारियों से शिकायत के बाद इन्हें वहाँ से हटा अन्यत्र कर दिया।पर सूत्रों की मानें तो कोतवाल अपनी आदत नहीं बदल पाये।बहरहाल इस घटना ने अनुशासित समझे जाने वाले विभाग के अंतर्विरोधों को सबके सामने उजागर कर दिया है।
"पुलिस महकमे में एसपी जैसे अधिकारी पर किसी इंस्पेक्टर को गाली देने का जो आरोप लगा है ,यदि यह सत्य है तो यह अत्यंत गंभीर विषय है।यह उस पद की गरिमा व मर्यादा के बिलकुल विपरीत है,इस पर महकमें के उच्चाधिकारियों को गंभीरता से संज्ञान में लेना चाहिए। यदि आरोप गलत है तो भी बहुत ही गंभीर है। ऐसा आरोप लगाकर कोतवाल ने एस पी जैसे अधिकारी को बदनाम करने के प्रयास के तौर पर देखा जाना चाहिए। इस पर कोतवाल के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जानी चाहिए, जिससे महकमें की विश्वसनीयता आम जनमानस में बनी रहे"


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