तहसील में अधिवक्ताओं की हड़ताल जारी रहने से कामकाज ठप,राजस्व को लाखों का नुकसान

प्रशासन के मनमाने रवैये से उग्र अनशन में तब्दील
रिपोर्ट:- मनोज मौर्य                             
गोण्डा। जिले की करनैलगंज  तहसील में कथित तौर पर प्रशासन के मनमानीपूर्ण रवैये व भ्रष्ट कार्यप्रणाली से नाराज़ अधिवक्ताओं का एक सप्ताह से चल रहा हड़ताल अब उग्र रूप लेकर अनशन में तब्दील हो गया है।अधिवक्ताओं के इस आंदोलन के चलते तहसील के राजस्व को लाखों का नुकसान हुआ है।
बताते चलें कि,बीते एक सप्ताह से हड़ताल पर प्रशासन द्वारा गंभीरता से न लेने पर,अधिवक्ताओं द्वारा गुरुवार को आक्रोशित होकर अनशन पर बैठ गये और तहसील प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया।
बताते हैं कि बीते एक सप्ताह से तहसील में चल रही तालाबन्दी व हड़ताल का सीधा असर जहाँ एक तरफ सीधे आमजनमानस पर पड़ रहा है वहीं दूसरी तरफ सरकारी राजस्व को लाखों रूपयों का नुक़सान हो रहा है। विभागीय सूत्रों की माने करीब पांच सौ से भी अधिक रजिस्ट्री लम्बित है, जिसका राजस्व सीधे सरकार के खाते में जाना था,इस विरोध व हड़ताल के चलते वह काफी प्रभावित हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक हड़ताल से  अनेकों वाद कारियों के मुकदमे की पैरवी प्रभावित हो रही है तो तमाम लोगों के जाति,आय तथा निवास प्रमाण पत्रों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।जिससे आम लोग परेशान हैं।
अधिवक्ता संघ द्वारा प्रशासन से सकारात्मक वार्ता न हो पाने  के चलते उनके व तहसील प्रशासन के बीच समाधान का रास्ता लगातार कठिन होता जा रहा है। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संजय मिश्र व मंत्री सूर्यकान्त तिवारी उर्फ वेद तिवारी ने तहसील में दलालों के माध्यम से धन उगाही,अधिवक्ताओं से दुर्व्यवहार, पत्रावलियों का समय से निस्तारण न करने,लंबित रखने और तहसील के प्रत्येक पटल पर व्याप्त भ्रष्टाचार  का आरोप लगाते हुये तहसील प्रशासन के खिलाफ प्रांगण मे एक सप्ताह पूर्व कर्मिक अनशन पर बैठते हुए हड़ताल पर हैं । 

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