रिपोर्ट:- संजय गुप्ता
बहराइच-जिले के मिहीपुरवा विकास खण्ड के सीएचसी प्रभारी डा राम नारायन वर्मा के सरकारी आवास में अवैध रूप से स्टोर किये गये भारी मात्रा में बेशकीमती सागौन की लकड़ी वन विभाग की टीम ने बरामद किया।
बताते चलें कि,इसके यहाँ होने की सूचना वन विभाग को मिली थी, जिसपर वन क्षेत्राधिकारी महेन्द्र मौर्या की अगुवाई में वन विभाग की टीम ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा राम नारायन वर्मा के सरकारी आवास पर पंहुची लेकिन वन विभाग की टीम के पंहुचने से पहले ही वह अपने आवास में ताला लगाकर फरार हो गये थे,व अपना मोबाइल भी बन्द कर लिया था।लकड़ी बरामदगी के बाद वन विभाग की टीम ने एसडीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी को इस बावत सूचना दी एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार शशांक नाथ उपाध्याय सीएचसी पहुँचे तथा प्रभारी चिकित्सा अधिकारी के आवास पर नोटिस चस्पा कर उसे सील किया।
बताते हैं कि,सीएचसी प्रभारी के प्रतिनिधि अनूप कुमार वन क्षेत्राधिकारी के कार्यालय आये और बताया कि आवास में लगे ताले की चाभी के साथ प्रभारी पर भेजा है ,आवास की तलासी कर ली जाय, प्रतिनिधि के कहने पर मजिस्ट्रेट के साथ वन रेन्ज क्षेत्राधिकारी महेन्द्र मौर्या टीम के साथ सुबह 5 बजे सीएचसी प्रभारी डा राम नारायन वर्मा के सरकारी आवास पंहुचे जिनके सामने उनके प्रतिनिधि अनूप कुमार ने ताला खोला आवास से 114 नग स्लीपर हाथ के आरा से चिरान की हुई सागौन की लकडी बरामद हुई जिसे मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में ट्राली से वन रेन्ज कार्यालय पहुँचाया गया।डाक्टर के सरकारी आवास से भारी मात्रा में सागौन की लकडी बरामद होने से लोगों मे यह चर्चा का विषय बना हुआ है और कहा जा रहा है कि डा राम नारायन वर्मा सरकारी वाहनों का बेजा इस्तेमाल कर एम्बुलेंस के जरिए काफी लकडी बाहर भेजता रहा होगा। इतनी लकडी आवास से बरामद होने के बाद भी अभी तक स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कोई कार्यवाही न किये जाने से यह दिखाई पड रहा है कि डा राम नारायन वर्मा को विभागीय उच्चाधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है ।


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