रिपोर्ट:- मनोज मौर्य
गोण्डा ।रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन में एक सेवा संस्था के सहयोग से महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन डीआइजी देवीपाटन रेंज डॉ0 राकेश सिंह व एसपी शैलेश कुमार पाण्डेय द्वारा दीप प्रवज्वलित कर इसका शुभारम्भ किया गया। महिला सशक्तीकरण कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों से आये छात्र/छात्राओ द्वारा कई सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर महिलाओ और बेटियों को उनकी सुरक्षा के प्रति उन्हें जागरूक किया। इसी के साथ ही उन्हे किस तरह से अपनी सुरक्षा करनी है व जरुरत पड़ने पर पुलिस द्वारा जारी किये गए हेल्पलाइन नम्बरों का उपयोग किस तरह प्रयोग कर अपनी शिकायत दर्ज कराने की प्रस्तुति के माध्यम से उन्हें जागरूकता का पाठ पढ़ाया गया।कार्यक्रम में सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता भी करायी गयी। इस दौरान डीआइजी द्वारा महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने हेतु एक सेवा संस्था की अध्यक्षा साक्षी अरोड़ा व उनकी टीम को धन्यवाद देते हुए कहा कि, प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस रेंज के जनपद बलरामपुर से मिशन शक्ति अभियान का शुभारम्भ किया था ,जो अब वहाँ से होते हुये पूरे प्रदेश में चल रहा है।
उन्होंने कहा कि, उसी के निर्देशन में शारदीय नवरात्रि से मिशनशक्ति अभियान थानों पर गठित एण्टीरोमियों टीमों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों की महिलाओं व बालिकाओं को नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलम्बन के प्रति जागरूक किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय ने कहा की महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके प्रति होने वाले अपराधों में अशिक्षा सबसे बड़ा कारण है, इसलिए हमें अपनी बहन बेटियों को हरहाल में शिक्षित करना आवश्यक है, ताकि वो किसी भी कार्य को करने में सक्षम होने के साथ अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बन सकें।उन्होंने कहा कि,आज हर क्षेत्र में महिलाओं की सहभागिता हो गयी है,फिर भी इन्हे और स्वावलम्बी बनाने हेतु इनमें नेतृत्व की भावना जागृत किया जाना अति
आवश्यक है।उन्होंने कहा कि, यदि बेटियों में नेतृत्व की भावना जागृत हो गयी तो वह शारीरिक व मानसिक तौर पर मजबूत व स्वावलम्बी बन सकेगी। इसके साथ ही ये भी बताया कि हमें बेटियों में किसी भी तरह का भेदभाव नही करना चाहिए। उन्हे भी लड़को की तरह शिक्षा-दीक्षा देकर स्वावलम्बी बनाना चाहिए। कार्यक्रम में एक सेवा संस्था द्वारा सर्वे कर चिन्हित की गयी जनपद की गरीब व बेरोजगार महिलाओं/बालिकाओं- मनीषा, रगिनी, ममता, कोमल, रंजना, पूर्णिमा, कुसुम, बबिता, गौरी, रूपादेवी, सोनी को सिलाई मशीन भेटकर उन्हे आत्मनिर्भर बनाने की पहल की गयी तथा मिशन शक्ति अभियान में अच्छा कार्य करने वाली महिला पुलिस कर्मियों में 1 निरीक्षक,समेत 3 उ0नि0, 13 महिला आरक्षी तथा 3 वन स्टाप सेंटर की महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
आवश्यक है।उन्होंने कहा कि, यदि बेटियों में नेतृत्व की भावना जागृत हो गयी तो वह शारीरिक व मानसिक तौर पर मजबूत व स्वावलम्बी बन सकेगी। इसके साथ ही ये भी बताया कि हमें बेटियों में किसी भी तरह का भेदभाव नही करना चाहिए। उन्हे भी लड़को की तरह शिक्षा-दीक्षा देकर स्वावलम्बी बनाना चाहिए। कार्यक्रम में एक सेवा संस्था द्वारा सर्वे कर चिन्हित की गयी जनपद की गरीब व बेरोजगार महिलाओं/बालिकाओं- मनीषा, रगिनी, ममता, कोमल, रंजना, पूर्णिमा, कुसुम, बबिता, गौरी, रूपादेवी, सोनी को सिलाई मशीन भेटकर उन्हे आत्मनिर्भर बनाने की पहल की गयी तथा मिशन शक्ति अभियान में अच्छा कार्य करने वाली महिला पुलिस कर्मियों में 1 निरीक्षक,समेत 3 उ0नि0, 13 महिला आरक्षी तथा 3 वन स्टाप सेंटर की महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक मानवाधिकार अशोक त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी राकेश सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र कुमार, एस0डी0एम0 सदर, जिला प्रोबेशन अधिकारी समेत विभिन्न स्कूलों से आये छात्र/छात्राएँ व शिक्षक तथा पुलिस कर्मी मौजूद रहे।


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