बलिया (उत्तर प्रदेश)।जिले के महिला अस्पताल में भ्रष्टाचार आम है,जहाँ जाँच के नाम पर अवैध वसूली का गोरख धंधा तेजी के साथ फल-फूल रहा है।
ताजा मामले में अस्पताल में बच्चे की जाँच कराने पहुँचे एक युवक ने अस्पताल के कर्मचारियों पर अवैध वसूली का आरोप लगाया है।उसने बताया कि,अस्पताल में प्रति मरीज से 50 रुपये लेकर ब्लड जाँच किया जाता है। और जो महंगी जाँच होती उसे बाहर अपनी सेटिंग की लैब में भेज देते है।
बताते चलें कि, शहर के रामनई तिथिपुरम के रहनेवाले मनीष पाण्डेय अपनी भांजी का इलाज कराने महिला अस्पताल आया था ,डाक्टर द्वारा उसे देखने के उपरान्त उसकी चार /पाँच जाँच लिखकर कहा कि,उसकी यह जाँच अस्पताल के इमरजेन्सी में हो जायेगी ।मनीष के मुताबिक जब वह जाँच कराने वहाँ पहुँचा तो उससे वहाँ काम करने वाले एक व्यक्ति ने प्रति जांच के पचास रूपये की मांग की।इस पर जब उसने विरोध जताया तो वहाँ मौजूद अधिकारी ने रूपये मांगने वाले को अपना कर्मी होने से इनकार कर दिया।यह तो एक मामला है ,ऐसे दर्जनो लोगों के साथ रोज का ही यह काम है।बिना सुविधा शुल्क के यहाँ कुछ भी करने को तैयार नहीं।


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