विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने मुख्यालय पर किया धरना-प्रदर्शन
रिपोर्ट:- मनोज मौर्य
गोण्डा। निजीकरण से सबसे ज्यादा नुक्सान आमलोगों को होगा,इसलिए विद्युत कर्मियों द्वारा इसके विरोध में किये जा रहे प्रदर्शन का समर्थन करने के लिये आगे आना चाहिये।यह आह्वान करते हुये अधिशाशी अभियंता रनवीर सिंह ने विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा विभाग के निजीकरण के विरोध में मुख्यालय पर दिये जा रहे धरना-प्रदर्शन के दौरान कही।
बताते चलें कि,विद्युत विभाग के कर्मचारियों द्वारा विभाग के निजीकरण के विरोध में प्रदेश भर में सभी विभागीय मुख्यालयों पर गुरूवार को धरना प्रदर्शन किया गया।जिसमें जनपद में संगठन के पदाधिकारियों इं.ऐके कुशवाहा, इं.पवन कुमार,राम कृपाल यादव, तारकेश्वर गुप्ता,सतीश गुप्ता, दुर्गेश श्रीवास्तव समेत दर्जन भर कर्मचारी शामिल रहे।विरोध
प्रदर्शन कर रहे पदाधिकारियों ने कहा कि,कोविड 19 की आड़ में केन्द्र व कुछ राज्य सरकारें विद्युत वितरण का जबरन निजीकरण करने पर तुली हुई हैं।
इं रणवीर सिंह ने बताया कि, इलेक्ट्रीसिटी(अमेंडमेंट) बिल 2020 और स्टैण्डर्ड बिडिंग डॉक्युमेंट को निरस्त न करने पर विद्युत कर्मी राष्ट्रव्यापी शुरू कर देंगे,जिसकी सारी जिम्मेदारी निजीकरण पर अमादा सरकार की होगी।उन्होंने कहा कि,आमजनों को निजीकरण के दूरगामी परिणाम को समझते हुये सचेत हो जाना चाहिए व विभागीय कर्मियों का साथ देते हुये इसका विरोध करना चाहिए।
इस बिल के पास होने पर उपभोक्ताओं को लागत से कम मूल्य पर बिजली नहीं मिल पायेगी।इसी के साथ सब्सिडी समाप्त कर दी जायेंगी।वर्तमान समय में बिजली प्रति युनिट लागत 07.90 रूपये है ।बिल पास होने के बाद बिजली कंपनियों को 16 प्रतिशत मुनाफा लेने का अधिकार होगा जिससे उपभोक्ताओं को 10 रूपये प्रति युनिट के हिसाब से भारीभरकम बिजली के बिल का सामना करना पड़ेगा।
वहां मौजूद अन्य पदाधिकारियों के मुताबिक निजीकरण के बाद सरकार डिस्काम की सभी परसम्पतियां कौड़ियों के भाव दे दी जायेंगी,व सरकार सभी घाटे व देनदारियों को अपने ऊपर ले लेगी।उन्होंने कहा कि,सरकार मंहगी बिजली खरीदकर निजी कंपनियों को सस्ते में देगी ,जिससे उन्हें घाटा न हो।इसी के साथ सभी कर्मचारियों को निजी कंपनियों के रहमोकरम पर छोड़ दिया जायेगा।
उन्होंने इसका विरोध करते हुये सरकार को चेताया कि,यदि यह बिल निरस्त नहीं किया गया तो राष्ट्रव्यापी हड़ताल के साथ धरना प्रदर्शन किया जायेगा।पदाधिकारियों ने कहा कि,केरल की केएसईबी की तरह उत्तर-प्रदेश में भी सभी ऊर्जा निगमों के एकीकरण कर युपीएसईबी का गठन किया जाना चाहिए।
प्रदर्शन में इं.वेंकट रमन,इं.एके साहू ,इं.रामा जी,संजय सिंह, नरेन्द्र मिश्रा, अद्या तिवारी, वी एन यादव सुरेन्द्र चौधरी,वी के पाण्डेय समेत दर्जनों मौजूद रहे।


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