थक गये बेसहारों के नैन,नहीं खुले रैन बसेरे के ताले

रेलवे स्टेशन व दुकानों के शटर के नीचे रात गुजारने को मजबूर

रिपोर्ट:- मनोज मौर्य 
गोण्डा।इन पड़ रही भीषण ठंढ की मार से सभी परेशान हैं,पर ठंढ का सबसे ज्यादा असर बेसहारों पर पड़ रहा है।करनैलगंज नगर प्रशासन द्वारा ऐसे बेसहारों के लिये बनाये गये रैन बसेरों में घुसकर ठंढ से बचने की आस में इन बेसहारों के नैन थक गये पर इन रैन बसेरों के ताले नहीं खुले।और तो और कहीं अलाव की भी व्यवस्था नहीं की गई जिससे ऐसे लोग भीषण सर्दी से अपने आपको बचा सकें।
कड़ाके की ठंड में नगर पालिका परिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले में बनाये गए रैन बसेरे में ख़ामियां ही खामियां हैं ,वहीं   सीएचसी में बने रैन बसेरे में  ताले लटक रहे हैं।
ठंड में गरीब व असहाय लोगों को रात गुजारने के लिए सीएचसी व लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले में प्रशासन की तरफ से बनाये गये रैन बसेरों की बदहाली के चलते, लोग यहां ठहरने के बजाय बस स्टॉप व रेलवे स्टेशन पर रात गुजारना बेहतर समझते हैं।जैसे-जैसे ठंढ बढ़ती जा रही है वैसे ही नगर परिषद प्रशासन द्वारा बरती जा रही लापरवाही इन बेसहारों पर भारी पड़ रही है। इन्हें ठंड में रात गुजारते हुये दुकानों के शटर के नीचे व अन्य ऐसे जगहों पर देखा जा सकता है।
करनैलगंज के उपजिलाधिकारी ज्ञान चंद्र गुप्ता का कहना है कि, रैन बसेरे को संचालित करने के लिये अधिशासी अधिकारी को निर्देशित किया गया है।अगर रैनबसेरों में कोई खामियां मिलती है तो उनसे स्पस्टीकरण मांगकर
उनपर कार्रवाई की जाएगी।

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