किसानो को कुचल रही है उद्योगपतियों की सरकार-रामप्रताप सिंह

अलाव पर चर्चा की गोष्ठी में बोले पूर्व विधायक।
रिपोर्ट:- अभिषेक तिवारी
खोडारे-गोन्डा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर गौरा विधानसभा क्षेत्र के विकास खंड छपिया के भोपतपुर में पूर्व विधायक राम प्रताप सिंह ने अलाव पर चर्चा की गोष्ठी का आयोजन किया।जिसमें पूर्व विधायक राम प्रताप सिंह ने इस दौरान कहा कि, प्रदेश की सरकार  हम लोगों को कोई भी कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं देती है।भाजपा कोई भी कार्यक्रम करे उसमें कोई भी दिक्कत नहीं लेकिन विपक्षी दल कोई कार्यक्रम करे तो उसे कोरोना की महामारी बताकर अनुमति नहीं दी जाती है।
उन्होंने कहा कि, लगभग एक माह से किसान धरना दे रहे हैं लेकिन यह गूंगी-बहरी सरकार नहीं सुन रही है।
इसी के साथ उन्होंने कहा कि,भाजपा की केन्द्र व प्रदेश सरकार जुमलेबाजों की सरकारें हैं। श्री सिंह ने कहा कि उद्योगपतियों की इन सरकारों को किसानों से कोई लेना देना नहीं है।उन्होंने कहा कि,यह निक्कमी सरकार सत्ता के नशे में चूर है।जब से केन्द्र व प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है,तबसे भाजपा के कोई नेता महंगाई पर बोलने को तैयार नहीं है। महंगाई आसमान छू रही है। किसान अपना धान औने पौने दामों पर बिचौलियों के हाथों बेचने को मजबूर हैं।धरने में कई किसानों की मौत हो गई। तब भी इस निक्कमी सरकार के कान में जूं तक नहीं रेंगी।उन्होंने कहा कि, किसान गन्ना बेच रहे हैं लेकिन पर्ची पर मूल्य नहीं अंकित किया जाता है।जब चुनाव आता है तब भाजपा के लोग सारा मुद्दा छोड़कर भारत, पाकिस्तान, हिन्दू मुस्लमान की बात करते हैं और समाज को बांटने का काम करते हैं।आज तक गन्ना का दाम जब भी बढ़ा है तब तब सपा की सरकार ही थी। किसानों के साथ समाजवादी पार्टी साथ खड़ी रही है और रहेगी। इसी के साथ बभनजोत के अन्तर्गत ग्राम पंचायत अलाउद्दीनपुर में ब्लाक प्रमुख डॉ0 ओमप्रकाश सिंह व  हाजीजोत में युवा सपा नेता अरुण प्रताप सिंह उर्फ डिम्पल भैया एवं विधानसभा अध्यक्ष डाक्टर अब्दुस्सलाम ने किसानों की समस्याओं को सुनकर सरकार क नीतियों पर सवाल उठाये।इस मौके पर पहलवान तिवारी,अनिल पांडेय,संजय यादव,रिक्कू सिंह , नेता रईस अहमद उर्फ बब्बू प्रधान, महबूब अहमद एडवोकेट,बाबर हुसैन,मन्नान सद्दाम,विजय वर्मा,बब्बू सिंह ,सर्वेश सिंह, वसीम , राजेश ठाकुर,पवन, सहित अनेकों लोग मौजूद रहे।

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