रिपोर्ट:-मनोज मौर्य
गोण्डा।जिले के हाकिम चाहे कितने भी दावे कर लें,पर प्रतिबंधित पेंड़ों की कटान पर अंकुश लगाने में कामयाब नहीं हो पा रही है।क्यों कि,हाकिमो द्वारा कागज पर दिये जा रहे फरमान स्थानीय पुलिस की भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती है।
जिसके चलते लकड़ी माफिया धड़ल्ले से युकेलिप्टस पेंड़ों की आंड़ में हरे प्रतिबंधित पेंड़ों को काट कर उसे सीना तान कर पुलिस के सामने से बेखौफ़ गुजरते हैं, वहीं पुलिस यह सब देखते हुये भी आंखें बंद कर लेती है।
सूत्रों के मुताबिक जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र में लकड़ी माफिया पुलिस के संरक्षण में अप्रतिबंधित युकेलिप्टस आदि पेंड़ो की आंड़ में प्रतिबंधित नीम,आम,शीशम समेत अन्य पेंड़ों की कटाई धड़ल्ले से कर रहे हैं।उन पेंड़ों के बोटों को युकेलिप्टस के बोटों के बीच में रखकर ओवरलोड ट्रैक्टर ट्राले से खुले आम थाने के सामने से गुजरते रहते हैं। सबकुछ देखते हुये पुलिस न उन्हें रोकने की जरूरत महसूस करती है और न ही टोकने की।
सूत्रों के मुताबिक स्थानीय पुलिस व लकड़ी माफियाओं के बीच प्रति पेंड़ के हिसाब से डील होती है, जिसके चलते न तो पुलिस अवैध कटान ही रोकती है और न ही लदान पर ही अंकुश लगाती है।
जिसके चलते क्षेत्र में प्रतिबंधित अवैध पेड़ों की कटान बदस्तूर जारी है।


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