रिपोर्ट :- मनोज मौर्य
गोंडा।प्रदेश सरकार की सफलता के 4 वर्षों के दावे पर जहाँ प्रदेश के सभी जनपदों में सरकार के निर्देश पर प्रशासन द्वारा भव्य कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं, उसी के बीच जनपद के धानेपुर क्षेत्र के अधिकतर ग्राम सभाओं में लोग बुनियादी सुविधाओं के लिये विकास की बाट जोह रहे हैं,जो प्रदेश सरकार की 4 वर्षों की सफलता के बड़े-बड़े दावों की हवा निकाल रहे हैं।
बताते चलें कि, जनता को वास्तविकता से रूबरू कराने का जिम्मा जिन्हें मिला है वह भी इन भव्य आयोजनों की चकाचौंध में खोकर अपने मूल उद्देश्यों से भटक गये हैं।
बहरहाल सरकार भले ही अपनी पीठ थपथपा ले, सरकार के नुमाइंदे चाहे जितने कार्यक्रम आयोजित कर लें किन्तु धरातल के दृश्य की जो पीड़ा है, वो असहनीय है।
बताते चलें कि,क्षेत्र के दर्जनों क्या सैकड़ों गाँव ऐसे हैं जिनमे निवास कर रहे हजारों ग्राम वासियों को अच्छी सड़क तक नसीब नही हो पा रही है ,पीने का साफ पानी नहीं उपलब्ध हो पा रहा है,सरकारी अस्पताल में अच्छी मेडिकल सुविधायें नहीं मिल पा रही हैं।
सफलता के दावे की पड़ताल में जब वास्तविकता जानने की कोशिश की गयी तो , जान कर हैरानी हुयी की क्षेत्र में आज भी कई ऐसे गाँव है जिन्हें आवागमन के लिए सड़क की दुर्दशा का सामना करना पड़ रहा है। इससे अधिक आश्चर्य की बात ये है की जिन सड़को का निर्माण करीब दस वर्ष पूर्व के ब्लॉक प्रमुख इटियाथोक के कार्यकाल में हुआ था, जिसमें मरम्मत न होने के चलते उन सड़को पर बड़े-बड़े जानलेवा गड्ढे बन गये हैं। सरकार द्वारा अपने पहले ही वर्ष में गड्ढा मुक्त अभियान की शुरुआत की थी पर 4 वर्ष के बाद भी वह गड्ढे नहीं भरे गये।जबकि, सरकारी कागजों में प्रदेश की सभी सड़कें गड्ढे से मुक्त है पर जमीनी हकीकत यह है कि,क्षेत्र की अधिकतर सड़कें गड्ढे और नुकीले पत्थरों से भरे पड़े हैं।जिसपर चलना मुश्किल ही नहीं जानलेवा भी हैं।
बताते हैं कि, गोंडा - उतरौला मार्ग पर स्थित बगुलही पुल ( राधा स्वामी सत्संग व्यास ) से हो कर इटियाथोक को जाने वाली सड़क मार्ग से मिलती है, इस सड़क की जद में आ रहे गाँव गूंगीदेई, कंदरा, भाभी नगर, बखरवा, बढ़ई पुरवा, लेदई पुरवा, पूरेहाड़ा, मुसद्दी पुरवा, दतई पुरवा, इटहनवां, बेसहुपुर, दत्तक पुरवा, पण्डितपुरवा, इत्यादि गावों के आवागमन की मुख्य सड़क जो की मुज़ेहना ब्लॉक थाना धानेपुर अथवा इटियाथोक से सम्बंधित है इस मार्ग की स्थिति ऐसी है की आपात कालीन के समय कोई चार पहिया वाहन नहीं गुजर सकता। बरसात में तो दोपहिया वाहनों का भी बामुश्किल आना-जाना हो पाता है ग्रामीणों के मुताबिक़ लम्बे समय से इस सड़क की मरम्मत तक नही कराई गयी है। ऐसे प्रदेश में अधिकतर ग्रामीण इलाकों की सड़कें बदहाली का दंश झेल रही हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि,सरकार द्वारा किस बात की सफलता का जश्न सरकारी तौर पर मनाया जा रहा है,जो एक प्रश्न है।


0 टिप्पणियाँ