3 वर्षों आया क्रान्तिकारी बदलाव,बढ़ा उत्पादन सम्पन्न हुये किसान
मनोज मौर्य
गोण्डा।आम तौर पर हर दृष्टि से पिछड़ा समझे जाने वाला उत्तर-प्रदेश का गोण्डा जनपद आधुनिक विधि से गन्ने की खेती के मामले अगड़े राज्यों को पीछे छोड़ रहा है।जनपद की इस उपलब्धी के पीछे जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह की प्रमुख व महत्वपूर्ण भूमिका रही है।जिन्होंने जनपद में गन्ने की खेती करने वाले किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उन्हें प्रोत्साहित कर सभी क्षेत्रों के साथ गन्ने की खेती में अति पिछड़े जनपद में क्रांति कारी परिवर्तन लाकर वह यहाँ इसके जनक बन गये हैं।ओपी सिंह के मुताबिक तीन वर्ष पूर्व जनपद के 57% गन्ना किसान पारंपरिक तरीके से सामान्य व अस्वीकृति प्रजाति के गन्ने की खेती करने में लगे हुये थे ,जिसके कारण उन्हें उन प्रजातियों से संतोष जनक उपज प्राप्त नहीं हो पाती थी।तथा जनपद के गन्ना किसान गन्ने की अगेती व सीघ्र प्रजाति की खेती के प्रति जागरूक नहीं थे।जिसके चलते उनकी गन्ने की फसलें देश के अन्य गन्ना उत्पादक राज्यों व पश्चिमी उत्तर के गन्ना किसानों की अपेक्षाकृत काफी निचले पायदान पर थीं। जिसके कारण उनके गन्ने का उत्पादन उन किसानों के उत्पादन से बेहद कम था तथा उच्चकोटि का न होने के चलते उन्हे उसकी अच्छी कीमत नहीं प्राप्त होती थी।जिसके कारण जनपद के गन्ना किसान खासा परेशान होते थे उन्हें नुकसान भी उठाना पड़ता था।
पर जब से ओपी सिंह ने जिले के गन्ना विभाग की कमान संभाली तबसे जनपद में अब सामान्य व अस्वीकृति प्रजाति के गन्ने की खेती लगभग 0% हो चुकी है।जिसमें उनका महत्वपूर्ण योगदान दान है।
इसी के साथ उन्होंने यहाँ के गन्ना किसानों को मिक्स फसलों की खेती के चलन को बढ़ावा देकर यहाँ के गन्ना किसानों को अन्य विकसित किसानो के समकक्ष पहुँचाया है।गन्ना अधिकारी ने यहाँ के किसानों को अगेती किस्मों के साथ मिश्रित फसलों की खेती करने के लिये उनके खेतों में जाकर अपनी देखरेख में फसलों की बुवाई कराई तथा उन्हें समय-समय पर निर्देशित करते रहे जिसका परिणाम यह रहा कि,आज जनपद के गन्ना किसान अपने बेहतर परिणामों के चलते मण्डलीय एवं राज्य स्तर पर सम्मानित भी हो रहे हैं।
गन्ने के साथ चने,गोभी व आलू की खेती
जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह द्वारा गन्ना किसानों द्वारा की जा रही पारंपरिक तरीके से खेती को आधुनिक बनाने में मदद करते हुये उन्हें मिश्रित खेती करना सिखाया।जिसमें उन्होंने गन्ने के साथ आलू ,चना,गोभी,सरसों,मटर,गेंहूँ आदि खेती करना सिखाया, जिससे आज जनपद के अनेक किसान अन्य विकसित राज्यों की बराबरी ही नहीं कर रहे बल्कि उनसे आगे निकल रहे हैं।
जहाँ पहले वह पूरे वर्ष एक ही गन्ने की फसल प्राप्त कर उससे अपेक्षित लाभ नहीं ले पाते थे,वहीं अब दो फसलों का उत्पादन साथ - साथ करके जहाँ गोभी,आलू व अन्य फसलों से अच्छा लाभ ले रहे हैं इसी के साथ सीघ्र व अगेती गन्ने की फसल लगाकर प्रति हेक्टेयर अधिक व उन्नत उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं।जिसके चलते उनकी सम्पन्नता में इजाफा हुआ है।जनपद के ऐसे चार किसानों को मिश्रित व आधुनिक खेती हेतु राज्य व मण्डल स्तर पर सम्मानित भी किया जा चुका है।
ये किसान हुये हैं सम्मानित
आधुनिक विधि से खेती कर सम्मानित होने वाले जनपद के चार किसानों में, तरबगंज क्षेत्र के ढोढ़ेपुर गाँव निवासी किसान सत्य प्रकाश तिवारी को आधुनिक गन्ने की खेती के साथ मिश्रित फसलों आलू ,मटर व चने की खेती कर अधिक व उन्नत फसल उपजाने हेतु उन्हें राज्य स्तरीय बेस्ट गन्ना उत्पादक किसान का पुरस्कार मिला है।
इसी के साथ परसड़ा निवासी रितेश सिंह को गन्ने के साथ सरसों, आलू के लिये मण्डलीय पुरुस्कार।कुंवर चैन निवासी अनिल चंद्र पाण्डेय को गन्ने के साथ आलू की उन्नत फसल के लिये मण्डलीय पुरुस्कार से सम्मानित किया गया है।पाण्डेय द्वारा गन्ने के साथ उपजाये हुये आलू 500 ग्राम से अधिक वजनी थे तथा लगभग 80%फसल उनकी आधा किलोग्राम से ऊपर तक की थी।उनके द्वारा एक बीघे में लगभग 25 कुंतल आलू उपजाई गई।
वहीं कटरा बाजार के सरैंया गाँव के धर्मपाल सिंह को गन्ने के साथ हरी मिर्च की उन्नत खेती के लिये मण्डलीय पुरुस्कार से सम्मानित किया गया।
सभी किसानो ने इसका श्रेय जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह के अथक प्रयत्नों व आधुनिक सोच को दिया है।
आंकड़ों में मिलवार गन्ना उपज
गोण्डा ।जनपद में जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह के आने से पहले व अब गन्ने की खेती में जबरदस्त परिवर्तन आया है।
आंकड़ों के मुताबिक जहाँ वर्ष 2017/18 में जनपद के कुंदुरखी मिल क्षेत्र में गन्ने की शीघ्र प्रजाति सिर्फ 42 %,सामान्य प्रजाति 35 %,व अस्वीकृति प्रजाति 23 % थी वहीं वर्ष 2020/21 में यह क्रमशःशीघ्र प्रजाति 96% होकर सामान्य 4% व अस्वीकृति प्रजाति 0% हो गई।
मनकापुर मिल क्षेत्र में यही 37/31/32 प्रतिशत के मुकाबले अब 99/01/0 प्रतिशत रह गई।
इसी तरह मैजापुर क्षेत्र में 40/31/29 प्रतिशत के मुकाबले अब 99/01/0 प्रतिशत रह गई। इसी क्रम में बभनान मिल क्षेत्र में 58/22/20 प्रतिशत के मुकाबले अब 98/02/0 प्रतिशत होकर जनपद व मण्डल में ही नहीं वरन् प्रदेश में एक कीर्तिमान स्थापित किया है।जिसका सारा श्रेय ओपी सिंह को जाता है।
इस उपलब्धि पर क्या कहते हैं ओपी सिंह
जनपद के गन्ना किसानी के क्षेत्र में तीन वर्षों के इस छोटे से अंतराल में आये इस बड़े बदलाव के बावत ओपी सिंह ने बताया कि,उन्होंने ने अपनी जानकारियां व अनुभव किसानों में बांटे व उन्होंने उसपर अमल किया जिसके कारण आज वह गन्ना किसानी के क्षेत्र में विकसित राज्यों के समकक्ष खड़े हैं। उन्होंने बताया कि, इतना जरूर है कि,उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं फेरा तथा वह किसानो के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे।


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