कोरोना महामारी के बावजूद नहीं हो रहा गाइडलाइन फालो

जनपद में हो रहीं लगातार मौतों से हाहाकार  

रिपोर्ट-मनोज मौर्य 

गोण्डा। जहाँ एक ओर कोविड मरीजों को जल्दी बेड मुहैया नहीं हो पा रहा,व जनपद में इससे होने वाली मौतों से हाहाकार मचा हुआ है। बावजूद इसके चाहे शहर हो या कस्बा हर तरफ लापरवाहों की फौज दिख रही है।
मुख्यालय पर तो दुकानों पर यदा-कदा हैंड सिनैटाईजर तो दिख भी जाते हैं पर ग्रामीण इलाकों के बाजारों के दुकानो पर न तो सिनेटाईजर ही हैं और अन्य ऐहितियात के उपाय।जिन पर इसका पालन कराने की जिम्मेदारी है वह भी इस गंभीर व संकट के समय में आंखें बंद किये हुये लोगों को उनके हाल पर छोड़ रखा है।जिसके चलते जिले के करनैलगंज में एक ही परिवार पांच लोग कोविड पाजिटिव हुये व उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
हालांकि जनपद प्रशासन दावे पर दावे कर रहा है कि,स्थित सामान्य है घबराने की जरूरत नहीं है।बावजूद इसके गाइडलाइन फालो कराने के सारे उपाय कागजों तक सिमट कर रह गये हैं।
जनपद के ग्रामीण इलाकों में खुले में खाने के सामान बेचने वाले हों या सब्जी बेचने वाले या फिर वह फल बेचने वाले ही क्यों न हों सब बिना नकेल के आम दिनो की तरह मुनाफेखोरों में लगे हुये हैं।तथा धड़ल्ले के साथ यह कहते हुये नजर आते हैं कि,यह कोरोना वोरोना सरकार की चाल है।अब तक कुछ नहीं हुआ तो अब क्या होगा।बहरहाल इनका खाद्ध सुरक्षा विभाग कुछ करे या न करे पर यह कोविड के विस्तार के अपने काम में लगे हुये हैं। जो आने वाले समय में जिला प्रशासन ही नहीं मानव समाज के लिये बड़ी समस्या का कारण बनने के रास्ते पर हैं। अब देखना यह है कि,प्रशासन किस तरह कागजी आंकड़ों से बाहर निकलकर इन पर नकेल कसते हुये आम लोगों की जिंदगी महफ़ूज रख पाती है।

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