गोण्डा- जांच में पहुँचे ज्वाइंट डायरेक्टर ने बताये रोजगार सेवक व प्रधान को भ्रष्टाचार के गुर ,वीडियो वायरल

लगे थे मनरेगा में घोटाले के आरोप
मनोज 
गोण्डा।सरकार द्वारा 100 दिन के रोजगार हेतु लाई गई मनरेगा योजना जिले में किस तरह रोजगार सेवकों व प्रधानों की मिली भगत से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है, जिसका सिर्फ नमूना भर है यह मामला।जहाँ एक रोजगार सेवक व प्रधान ने मिलकर मजदूरों के हक पर डाका डालते हुये सरकार के मंसूबों की धज्जियां उड़ा डालीं। दिलचस्प तो यह है कि,लगातार हो रही शिकायतों को शासन द्वारा संज्ञान लेने के क्रम में जिले के वजीरगंज विकास खण्ड के बंधवा ग्रामसभा में मौके पर जांच करने पहुँचे लखनऊ के डिप्टी डायरेक्टर मनरेगा द्वारा वहां दर्जनों मजदूरों की हजिरी पर सिर्फ आठ मजदूरों के कार्य करते मिलने के बावजूद भ्रष्टाचारी रोजगार सेवक व प्रधान पर कार्रवाई के बजाय उन्हें भ्रष्टाचार करने के टिप्स दिये।जिसका वीडियो वायरल होते ही हड़कंप मच गया।
मिली जानकारी के मुताबिक जिले के वजीरगंज विकास खण्ड के बंधवा ग्राम सभा में तैनात रोजगार सेवक पर लंबे समय से मनरेगा मजदूरी में  भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे थे। जिसको शासन द्वारा गंभीरता से संज्ञान में लेते हुये इसकी तीन दिन पूर्व आकस्मिक जांच करने बंधवा पहुँचे मनरेगा के ज्वाइंट डायरेक्टर ने ग्राम सभा में 7 साइडों के मस्टर रोल दिखाये गये 256 मनरेगा मजदूरों की जगह सिर्फ एक साइड  चारागाह की जमीन पर मिट्टी की खुदाई कर खन्दक लगाने के कार्य में लगे 8 मजदूर ही मिले । मौके पर जांच टीम के साथ गये बीडीओ व एपीओ की मौजूदगी में  ज्वाइंट डायरेक्टर द्वारा रोजगार  सेवक पवन कुमार वर्मा व प्रधान जितेन्द्र शर्मा पर  कार्यवाही के बजाय उल्टा  उन्हें भ्रष्टाचार के ही टिप्स देते नजर आये कि,यदि मजदूर नहीं हैं तो कहीं से ज्यादा  लोगों का इंतजाम कर साइड पर ले आओ चाहे वह काम करें या न करें। बस उनकी फोटो लेकर भेज दो जिससे यह बवाल खत्म हो जाये।
बहरहाल जब उच्चाधिकारियों द्वारा जांच में भ्रष्टाचार मिलने के बावजूद कार्यवाही के बजाय अधीनस्थों को भ्रष्टाचार  की बारीकियां सिखाई जांयेंगी तो भ्रष्टाचार तो बढ़ेगा ही।
इस बारे में जब जिम्मेदारों से बात करने का प्रयास किया गया तो वह कुछ कहने से बचते नजर आये।

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