मनोज मौर्य
गोंडा। बीते 16 जुलाई को कथित रूप से दिन दहाड़े अपहृत एक प्राईवेट स्कूल की शिक्षिका को कप्तान आकाश तोमर की कुशल माॅनीटरिंग में चली पुलिस टीमों ने बरामद करने में सफलता पाई है।
बताते चलें कि,21 दिन पूर्व सुबह नवाबगंज कस्बा निवासिनी 22 वर्षीय शिक्षिका का ई-रिक्शा से अपने होलापुर काजी गाँव स्थित सिराज मेमोरियल स्कूल में शिक्षण कार्य हेतु जाते समय तुलसीपुर माझा निवासी जिम संचालक युवक प्रशान्त सिंह ने अपनी स्कार्पियो गाड़ी से अपहरण कर लिया था। इस मामले में शिक्षिका की माँ की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा भी पंजीकृत किया था। तथा बीते 24 जुलाई को अपहरण की साजिश में शामिल पवन दूबे व विजयशंकर उर्फ गोलू को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया था। परन्तु मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी व शिक्षिका की बरामदगी न होने से
नवाबगंज पुलिस की काफी किरकिरी हो रही थी।
जिसका बीते शनिवार शिक्षिका सौम्या पाण्डेय की बरामदगी के साथ कुछ हद तक मामले का पटाक्षेप हो गया।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक शिक्षिका के कथित अपहरण के मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुये पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने इसके लिये स्थानीय पुलिस के साथ अन्य टीमों को भी लगाया तथा इस गंभीर मामले में उनके द्वारा पल-पल की अपडेट ली जाती रही।जिसके क्रम में पुलिस ने सबसे पहले आरोपी के घर वालों से पूछताछ की।उनसे मिली जानकारी को आधार बनाकर पहले पुलिस टीम गोरखपुर पहुँची तभी वहाँ से उनका लोकेशन लखनऊ ट्रेस किया।फिर गोरखपुर से पुलिस टीम लखनऊ आई वहाँ से फिर गुड़गांव गई तथा वहाँ रहने वाली प्रशांत की बहन रागिनी से पूछताछ की गई।वहां से पुलिस को पानीपत का लोकेशन मिला।जहाँ पहुँची पुलिस टीम ने वहां रहनेवाले प्रशांत के यार दोस्तों से पूछताछ कर जानकारी ली।इसी दौरान आरोपी द्वारा मथुरा के कृष्ण जन्मभूमि स्थित एक लोकवाणी से आधार के जरिये 2300 रूपये निकालने की जानकारी मिली।जिसपर नवाबगंज पुलिस व एसओजी टीमें मथुरा पहुँची।लेकिन तबतक प्रशान्त द्वारा वह भी लोकेशन छोड़ा जा चुका था।वहाँ से फिर पुलिस को उसके लखनऊ में होने की जानकारी मिली।आखिरकार टीमें जब उनकी तलाश में दोबारा लखनऊ पहुँची तो उन्हें उनके बारे में जानकारी मिली कि,आरोपी गिरफ्तारी से बचने हेतु स्टे लेने हाईकोर्ट जा रहा है।आनन-फानन में पुलिस टीम हाईकोर्ट के पास पहुंची।तभी उन्हें जानकारी मिली कि,आरोपी प्रशांत व शिक्षिका दोनो हाईकोर्ट के अंदर दाखिल हो चुके हैं। बहरहाल पुलिस द्बारा किसी अनावश्यक विवाद से बचने हेतु दोनो के निकलने का इंतजार किया।आखिरकार कुछ समय बाद शिक्षिका बाहर निकली तथा ऑटो लेकर पालीटेक्निक की ओर जाने लगी तभी पुलिस द्वारा उसे अपनी अभिरक्षा में ले लिया तथा उससे पुलिस को जानकारी मिली कि,प्रशान्त द्वारा स्टे ले लिया गया है तथा वह अब उनके हाथ नहीं आयेगा।जिस पर पुलिस टीम उसे लेकर गोंडा आ गई तथा उसे वन स्टाप सेंटर की सुपुर्दगी में देकर प्रशांत की तलाश में जुट गई।
इस चर्चित कथित अपहरण काण्ड के मामले में विश्वस्त सूत्रों द्वारा मिली जानकारी में पुलिस द्वारा दोनो के नंबरों के निकाले सीडीआर में अपहरण से पूर्व शिक्षिका व आरोपी प्रशान्त के बीच 3 जून से लेकर 14 जुलाई तक फोन पर 43 घंटे 42 मिनट तक बातचीत की गई थी।जो दोनो के बीच नजदीकी संबंध होने के इशारे कर रहे हैं
उसके बाद यह अपहरण घटना घटी।जो इसे संदिग्ध बना रही है।
बहरहाल जब तक शिक्षिका का 164 का बयान नहीं हो जाता तब तक कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
वहीं शिक्षिका का इस तरह बरामद होना तथा आरोपी प्रशांत का पुलिस के हाथ ना आना लोगों के बीच में चर्चा का विषय बना हुआ है।



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