गोण्डा-बंद हुई कच्ची शराब से रूका कच्ची मौतों का सिलसिला

आबकारी निरिक्षक की कोशिश लाई रंग,बदनाम तरबगंज सर्किल में 90 प्रतिशत तक लगा अंकुश

मनोज मौर्य 

गोंडा। जिले के तरबगंज सर्किल में अवैध कच्ची शराब के बनने व बेचने को रोकने हेतु आबकारी निरीक्षक अरूण सिंह व उनकी टीम का कड़ा प्रयास आखिरकार रंग लाया है।जिसमें जनपद में कच्ची शराब के निर्माण व बिक्री हेतु बदनाम सर्किल में अब कच्ची शराब के चलते लोगों की होने वाली कच्ची मौतों का सिलसिला लगभग 90 प्रतिशत तक रूक गया है।
जिसके फलस्वरूप इसके चलते बरबाद हो रहे परिवार फिर से आबाद होने की राह पर चल पड़े हैं।
बताते चलें कि,तहसील तरबगंज सर्किल के नवाबगंज में तुलसी पुर माझा, जैतपुर माझा, नारायण पुर,वजीरगंज में रमई पुर, पुरैना, गणेश पुर ग्रंट,चंदापुर,तरबगंज में 
गड़ौली,घांचा बीकापुर,वनगांव तथा उमरी बेगम गंज थानाक्षेत्र का ऐली गांव अवैध कच्ची शराब के निर्माण व बिक्री हेतु पूरे जनपद में काफी बदनाम रहा है।जिसके चलते इन चारों क्षेत्रों में इसका सेवन करने अब तक सैकड़ों की तादाद में लोगों की असामयिक मौतें हो चुकीं हैं।इन क्षेत्रों के लोगों के मुताबिक कच्ची शराब पीने वाले इनमें ज्यादातर लोगों ने न  ज़वानी देखी और न ही बुढ़ापा ।50 वर्ष तक की उमर भी पार नहीं कर पाये और काल के गाल में समा गये। जिसके चलते उन पर आश्रित उनका परिवार पूरी तरह बिखर कर बरबाद हो जा रहा था।
इन्हीं को गंभीरता से प्रदेश सरकार के निर्देश पर अवैध कच्ची शराब के विरुद्ध छेड़े गये अभियान के तहत जिला आबकारी अधिकारी उमेश चंद्र पाण्डेय के निर्देशन में आबकारी निरीक्षक अरूण सिंह द्वारा इस बदनाम क्षेत्र को इस अभिशाप से मुक्त कराने हेतु दिन-रात एक करते हुये आखिरकार भारी मात्रा में निर्मित होने वाले अवैध कच्ची शराब पर लगभग 90 फीसदी तक अंकुश पा ही लिया।जिसका रिजल्ट यह रहा कि,अब इन क्षेत्रों में बरबादी के कगार पर पहुँचे परिवारों के घरों पर खुशहाली ने दस्तक दे दी।वहीं कच्ची शराब पर के बंद होने से विभाग की आमदनी में भी इजाफा हुआ है।जो कहीं न कहीं इस इलाके में आबकारी की बड़ी सफलता के रूप में भी देखा जा रहा है।

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