बारिश के मौसम में आइएसओ प्रमाणित वजीरगंज थाना टापुओं में तब्दील
गोंडा। अब फरियादियों को पुलिस के पास जाने के लिये नाव से जाना पड़ेगा,तभी उनकी फरियाद सुनी जा सकेगी।
हैरान मत होईये? ये थाना किसी टापू पर नहीं है?बल्कि पहली बारिश के बाद इसका यह हाल हुआ है।कम से कम अब पैदल तो इस परिसर में कदम नहीं ही रख सकेंगे। हम जिले के आईएसओ प्रमाणित वजीरगंज थाने की बात कर रहे हैं। जो पहली ही मानसूनी बरसात में पूरी तरह जलमग्न हो चुका है।घुटनो तक भरा पानी इसकी बदहाली की कहानी बयां करने के लिये काफी है। यह जलभराव कोई नई बात नहीं है लगभग दो दशकों से इसका यही हाल है।जैसे ही बारिश होती है वैसे ही इस थाने की सभी बिल्डिंगे पानी के बीचो-बीच टापुओं पर प्रतीत होतीं हैं।यहां तक की प्रभारी निरीक्षक आवास समेत आरक्षी व उपनिरिक्षकों के आवास में घुटनो तक पानी भरा हुआ है।जो इसकी दुर्दशा बताने के लिये काफ़ी है।
बता दें कि,वजीरगंज कस्बे के प्रति जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा व यहाँ के ग्राम प्रधानों के निष्क्रियता के चलते अबतक जल निकासी हेतु कोई व्यवस्था नहीं की गई है।जिसके चलते थोड़ी सी बारिश में थाने समेत कई इलाकों में जलभराव हो जाता है।जिसके कारण आवागमन में असुविधा तो होती ही है।यदि इस जलभराव के बीच अचानक पुलिस को क्षेत्र के किसी हिस्से में जाना हो तो कम से कम आधा घंटा सबको बाहर निकलने में तो लग ही जायेगा।हालांकि अयोध्या-गोंडा हाइवे पर वजीरगंज कस्बे के बीचो-बीच स्थित इस थाने के सामने से अक्सर उच्चाधिकारी व जन प्रतिनिधि गुजरते रहते हैं शायद नजर भी पड़ती हो बावजूद इसके जल निकासी हेतु किसी के द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता।जिसके चलते थाना परिसर व उसके सामने की सड़क पूरी तरह जलमग्न रहती है।
इस बावत निवर्तमान प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि,जल निकासी हेतु जब ग्राम प्रधान से बात की गई तो उनके द्वारा सीधे मना कर दिया गया फिर विकस खण्ड अधिकारी से कहा गया तो उनकी ओर से इस समस्या के निदान हेतु आश्वासन जरूर दिया गया है।देखते हैं कि,आने वाले दिनो में जल निकासी की व्यवस्था की जा सकेगी या यह थाना व कस्बा ऐसे ही सड़ता हुआ अपने नसीब को कोसता ही रहेगा।


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