मनोज मौर्य
गोण्डा। जिले के परसपुर थानाक्षेत्र में दबंगों के उत्पीड़न की शिकार एक महिला की फरियाद जब किसी ने नहीं सुनी, तो उसे मजबूरन आमरण अनशन पर बैठना पड़ा। जिसके बाद जागी परसपुर पुलिस ने आनन-फानन में आरोपी दबंगों के विरुद्ध छेड़खानी व हरिजन एक्ट समेत नौ धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया तथा एफआईआर की कापी धरना हटाने गये नगर कोतवाल के मोबाइल पर भेज दिया।जिसके बाद पीड़िता ने अनशन तोड़ा।
परसपुर थानाक्षेत्र के पूरे दौलतसिंह पुरवा की रहने वाली पीड़ित दलित महिला हेमा भारती पत्नी विश्वनाथ कोरी उर्फ गद्दर ने पुलिस से अपनी शिकायत में गाँव के ही इन्द्रपाल सिंह पुत्र करिगंन सिंह व मनोज सिंह पुत्र सरदार सिंह पर गंभीर आरोप लगाया था कि,बीते 14 नवंबर की शाम लगभग 06 बजे जब वह शौच के लिये खेत की ओर गई थी । रास्ते में
गाँव के ही दबंगों इंद्रपाल व मनोज सिंह ने उसे पकड़ कर उसके साथ छेड़खानी की तथा उसे मारने पीटने के साथ उसका मंगलसूत्र छीन लिया और कहा कि वे तुम्हें व तुम्हारे पूरे परिवार को जान से मार देंगे।इसी के साथ दबंगों ने जाति सूचक माँ और बहन की भद्दी - 2 गालियां दिया।इसी के साथ उन्हें कहा कि,तुम्हें फर्जी केस में फँसा देंगे कोरी ,मादर.. बड़ी नेता बन रही है। इस पर प्रार्थिनी के हल्ला गुहार करने पर वहाँ पहुँचे गाँव के लोगों ने उसे छुड़ाया। पीड़िता के मुताबिक जब पुलिस ने उसकी फरियाद नहीं सुनी तो मजबूरन उसे बीते 19 नवंबर से जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर टीनशेड के नीचे आमरण अनशन पर मजबूर होना पड़ा। जिसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को होने पर, उनके निर्देश पर बुधवार को सुबह नगर कोतवाल मनोज पाठक ने पहुँचकर मुकदमा परसपुर थाने में पंजीकृत कराया व उसकी ई - प्रति पीड़िता को सौंप दिया। जिसके बाद पीड़ित महिला ने अनशन तोड़कर वापस अपने घर वापस लौट गई।


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