गोण्डा - अल्पसंख्यक कांग्रेस ने मुख्य न्यायाधीश को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा

गोण्डा डेस्क 
गोंडा। उत्तर प्रदेश के संभल में सरकारी तंत्र की मौजूदगी में हुई हिंसा में चार लोगों के मारे जाने और 1991 में पारित धर्म स्थल विधेयक क़ानून का पालन किए जाने को लेकर अल्पसंख्यक कांग्रेस की जिला इकाई ने,सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
ज्ञापन में मुख्य रूप से 1991 पूजा स्थल विधेयक का सम्मान करने जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लिखित है कि आजादी के समय जिस धर्म स्थल का जो अस्तित्व है बहाल रहेगा,किंतु भाजपा सरकार द्वारा अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए अनावश्यक मुद्दों को तूल देकर सम्भल जैसे हालात बना प्रदेश में अराजकता की स्थिति पैदा की जा रही है। पूरे प्रदेश में रबी की बुआई के समय न डीएपी खाद है न बीज है मंहगाई, बेरोजगारी चरम पर है और प्रदेश सरकार इन मुद्दों से ध्यान बंटाने के लिए संभल जैसे हालात बना रही है।इसके विरोध में व सरकार की नाकामी को लेकर काँग्रेसी सड़क से संसद तक विरोध करेंगे। इस दौरान जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्रा, अल्पसंख्यक कांग्रेस अध्यक्ष सगीर खान, शिवकुमार दूबे, प्रद्युम्न शुक्ला, अरविंद शुक्ला,  शाहिद अली कुरैशी, वाजिद अली, एडवोकेट सादाब खान, फिरोज अहमद, मसीउल हक, मोहम्मद जर्निल हयात, अवसार अहमद, अय्यूब खान, ब्लॉक अध्यक्ष धर्मराज सिंह, अकील, राजू सेवादल सहित तमाम कांग्रेस जन उपस्थित रहे।

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