गोंडा। वैसे तो जनपद व ग्रामीण इलाकों में बनाई जाने वाली सड़कें किस तरह से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती हैं यह किसी से छिपा नहीं है। इसी क्रम में जनपद के वजीरगंज क्षेत्र के धुन्धन पुरवा से जमुहा में पीडब्लूडी की बनाई सड़क में जमकर भ्रष्टाचार का मामला सामने आने यर एक व्यक्ति द्वारा शिकायत की गई थी।जिसपर सहायक अभियंता योगेश कुमार राय की अध्यक्षता में जाँच टीम ने मौके पर जाकर सड़क की चौड़ाई समेत विभिन्न मानकों की जांच की ,जिसमें भ्रष्टाचार पाया गया और इसकी रिपोर्ट विभागीय अधिकारियों को प्रेषित की गई।बावजूद इसके कई माह बीतने के उपरांत भी भ्रष्ट जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं की गई।
बता दें कि,न्यू आशीर्वाद कालोनी, जानकी नगर निवासी एक सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश मिश्रा ने अश्वनी अवर अभियन्ता (सिविल), निर्माण खण्ड-1, लो०नि०वि० द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में शिकायत की गयी थी कि,वजीरगंज क्षेत्र के धुन्धन पुरवा से जंमुहा की पक्की डामर सड़क खडन्जे पर बना दिया गया है और मिट्टी कार्य हेतु जारी की गई धनराशि की जमकर बन्दर बाट कर गुणवत्ताविहीन सड़क का निर्माण कराया गया है। इस शिकायत की जांच 02.07.2025 को अधिशासी अभियंता खण्ड-1 द्वारा स.अभियंता योगेश कुमार राय की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की गई, जिसमें उनके साथ अवर अभियंता रामानन्द सिंह और अभिषेक सिंह भी शामिल थे।अधिशाषी अभियंता द्वारा बनाई गई इस जांच कमेटी की जांच रिपोर्ट में
स्वीकृत लम्बाई 1.350 किमी0 के जगह केवल 1.178 किमी0 ही कार्य कराया जाना बताया गया।इसी के साथ समस्त चैनेज के वांछित कस्ट 27.50 सेमी0 की जगह कम कस्ट पायी गयी । तटबन्ध में कराये गये कार्य मे किये गये भुगतान के सापेक्ष लगभग 2696.54 X 86 = 231902.44 रू0 का अधिक भुगतान किया गया है। जोकि गबन की श्रेणी का कृत्य है।जिसमें तत्कालीन अवर अभियन्ता, सहायक अभियन्ता की लापरवाही बताई। पुलियों के निर्माण में उचित कुशन नही दिया गया है। जो अवर अभियन्ता एवं सहायक अभियन्ता के तकनीकी ज्ञान पर प्रश्नचिह्न उठा रहा है। मार्ग के लेपित सतह पर लगभग 15-20 जगह काटे गये वृक्षों की जडे/तना 10-20 सेमी० ऊपर पायी गयी है। जो कि किसी भी दुर्घटना को अंजाम दे सकती है तथा तृतीय भाग की लम्बाई (45मी0) में सीलकोट नहीं किया गया है।
इस जांच रिपोर्ट के बावजूद अबतक उच्चाधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई,जो बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
बहरहाल जब इस संबंध में मुख्य अभियंता से इस भ्रष्टाचार पर कार्रवाई के बारे में जानकारी चाही गई तो उन्होंने कहा कि इस पर उन्होंने कहा कि, वह इस प्रकरण पर बोलने के लिये अधिकृत नहीं हैं लखनऊ हेडक्वार्टर से जानकारी लें । उनका यह कहना यह साबित कर रहा है कि,जिले के पीडब्लूडी विभाग में भ्रष्टाचार किस लेवल तक है।


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